शरीर पर पाए जाने वाले काले दागों को लोग शुभ मानते हैं लेकिन आप को जानकार हैरानी होगी कि वो काला दाग शुभ नहीं अशुभ होता है। डॉक्टरों की भाषा में इस काले दाग को मौत की दस्तक कहा जाता है। अगर आपके शरीर पर भी कोई काला दाग है और आप उसे शुभ मानने की गलती कर रहे हैं तो अभी भी समय है संभल जाईये।
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हमारे शरीर में छोटे काले रंग के दाने का आकार लिये कुछ निशान जब एक या दो हो तो काफी सुंदर दिखते है पर जब ये एक से बढ़कर काफी दिखने लगे तो बदसूरती का कारण बन जाते है। जिस पर वो किसी भयावह बीमारी का संकेत दे रहे होते है जिसे अनदेखा करना खतरनाक बीमारियों को दावत देने के बराबर है।
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शरीर पर पांच सेमी से बड़ा काला दाग जिसे लोग लहसुन भी कहते हैं और कहावतों में इसे शुभ लक्षण कहा जाता है, दरअसल यह दाग ब्रेन टयूमर का एक इंडीकेटर (चेतावनी देने वाला) है। एसएन मेडिकल कालेज आगरा के पूर्व न्यूरो विभागाध्यक्ष डॉ. आरसी मिश्र ने बताया कि लहसुन पीठ, पेट कहीं पर भी हो सकता है।
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पांच सेमी से बड़े दाग वाले व्यक्ति को सचेत रहना चाहिए। शनिवार को यूपी-यूके न्यूरोकॉन में अमेरिकन न्यूरोलोजिकल सोसाइटी के चेयरमैन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. जैफरी एन. ब्रूस ने ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी और इंडीकेटर के बारे में बताया।
डॉ. ब्रूस ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर का प्रदूषण और बिगड़ी लाइफ स्टाइल, खानपान से कोई कनेक्शन नहीं है। केमिकल फैक्टरी में काम करने ब्रेन ट्यूमर रोगी को अधिक दिक्कत हो सकती है। आयोजन समिति के सचिव न्यूरो सर्जन डॉ. विकास शुक्ला, राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट के डॉ. दीपक सिंह, एसजीपीजीआई डॉ. संजय बिहारी, डॉ. मनीष सिंह आदि मौजूद रहे।