कानपुर में इस सीजन में पहली बार रविवार को पारा लुढ़कर 4.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। शनिवार की तुलना में यह एक डिग्री कम रहा। अचानक पारा लुढ़कने से दिल और दिमाग की नसें सिकुड़ने लगी हैं। रविवार को कार्डियोलॉजी पहुंचने से पहले हार्ट अटैक के तीन मरीजों की मौत हो गई।
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कानपुर में ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, कार्डियोलॉजी इमरजेंसी में हार्ट अटैक के 22 और मरीज भर्ती हुए। जबकि छह मरीजों को गंभीर हालत में हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) में भर्ती कराया गया। ब्रेन अटैक से 15 मरीज हैलट लाए गए। इनमें से तीन मरीजों के दिमाग की नसें फट गईं।
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बर्फीली हवाओं के चलते अधिकतम तापमान भी एक डिग्री की कमी से साथ 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। आने वाले सप्ताह में और सर्दी बढ़ने की संभावना है। कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में मरीज सांस फूलने तथा सीने में तेज दर्द के लक्षण लेकर आए। नवाबगंज, काकादेव और फजलगंज से एक-एक मरीज ब्रॉट डेड आए।
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डॉक्टरों ने तबीयत बिगड़ने पर समय से अस्पताल आने की सलाह दी है। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि ठंड बढ़ने के बाद करीब 25 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। हैलट के न्यूरो साइंसेज विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि औसतन 15 ब्रेन अटैक के रोगी आ रहे हैं। इनमें दो तरह के रोगी हैं। एक थम्बोसिस (इसमें दिमाग की नसों में खून का थक्का जम जाता है) और दूसरे हेमरेजिक (इसमें दिमाग की नसें फट जाती हैं)।
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विशेषज्ञों की सलाह
- ब्लड प्रेशर चेक कराते रहें।
- गुनगुना पानी पीयें, ठंडी चीजें न खाएं।
- रात को सादा और सुपाच्य भोजन लें।
- बीपी और हार्ट रोगी धूप निकलने पर बाहर निकलें।
- गर्म कमरे से अचानक बाहर न आएं।
- डायबिटीज के रोगी ब्लड शुगर नियंत्रित रखें।
- इकट्ठा खाने के बजाय दो-दो घंटे पर थोड़ा-थोड़ा खाएं।
पहली बार घना कोहरा, प्रदूषण में देश में चौथा स्थान
इस मौसम में रविवार सुबह पहली बार घना कोहरा पड़ा। तड़के से लेकर पूरे दिन धुंध छाई रही। सीएसए में स्थापित मौसम विभाग के अनुसार आगे कई दिनों तक धुंध और कोहरे की अधिकता बनी रहेगी। घने कोहरे के बीच सुबह प्रदूषण की मात्रा 400 एक्यूआई (एयर क्वॉलिटी इंडेक्स) से ऊपर पहुंच गई। जो दिन में 11 बजे तक 378 एक्यूआई पर आकर रुकी। केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम चार बजे 364 एक्यूआई रिकॉर्ड हुई। देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में कानपुर का चौथा स्थान रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि धुंध व शीतलहर के चलते प्रदेश के 40 से अधिक शहरों में दिक्कत है।
शहरों में प्रदूषण की स्थिति: मुजफ्फरपुर में 453, लखनऊ 406, मुरादाबाद 391, कानपुर में 364 एक्यूआई।