निर्धारित समय सीमा से करीब एक सप्ताह पहले शनिवार की आधी रात को मानसून ने शहर में दस्तक दी। माैसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश जारी रहेगी। रविवार को भी सुबह के समय अलग-अलग क्षेत्रों में सात मिली बारिश दर्ज की गई। दिन बादलों के बीच धूप निकलने से उमस भी बनी रही। नमी की मात्रा 91 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस बीच अधिकतर तापमान में 4.7 डिग्री की कमी दर्ज की गई।
पिछले वर्ष की अपेक्षा तीन दिन पहले मानसून ने इस बार दस्तक दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मानसूनी हवाएं 48 घंटे पहले ही निकलीं और प्रदेश के पूर्वी यूपी के अधिकांश क्षेत्रों से होकर मानसून देर शाम कानपुर से होते हुए आगरा के आसपास पहुंच गया है। माैसम वैज्ञानिक डाॅ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसूनी बारिश की सभी तरह की गतिविधियां सक्रिय हो चुकी है।
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कानपुर में झमाझम बारिश
- फोटो : अमर उजाला
इस बार चक्रवाती हवाओं, भूमध्य सागर और अरब सागर से उठने वाली हवाओं के दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों पर बना हुआ है। मध्य प्रदेश से सटे बुंदेलखंड के क्षेत्रों में भी भारी बारिश के संकेत दिख रहे हैं। डॉ.पांडेय ने बताया कि अमूनन मानसून 29-30 जून के बीच दस्तक देता है।
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कानपुर में झमाझम बारिश
- फोटो : अमर उजाला
अगले 12 घंटे में इन स्थानों पर होगी बारिश
भारतीय माैसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 12 घंटे में आगरा, बहराइच, बाराबंकी, इटावा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, हरदोई, जालाैन, झांसी, कन्नाैज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, सीतापुर और उन्नाव में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की संभावना है।
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कानपुर में झमाझम बारिश
- फोटो : अमर उजाला
धान की बोआई लिए अच्छा समय
मानसून के आगाज और रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से यह समय धान की बोआई के लिए सबसे मुफीद माना जा रहा है। जिन किसानों ने इस बार समय से धान की नर्सरी लगा ली थी, उनके धान इस समय रोपे जा सकते हैं। इस बार धान की पैदावार भी अच्छी होने की संभावना है।
पिछले 10 वर्षाें में महानगर में मानसून आने का समय
2024 में 24 जून
2023 में 21 जून
2022 में 20 जुलाई
2021 में 18 जून
2020 में 24 जून
2019 में 25 जून
2018 में 26 जून
2017 में 28 जून
2016 में 20 जून
2015 में 26 जून
2014 को 29 जून