राजस्थान के थार मरुस्थल से तप कर आई पछुवा ने गुरुवार दोपहर आग बरसाई। दोपहर को लू के तेज थपेड़ों ने शहरियों को बेहाल कर दिया। शाम तक लू चलती रही। 39 साल बाद सुबह माहौल में नमी का प्रतिशत घटकर 31 पर आ गया। इसके पहले वर्ष 1987 में 21 मई को सुबह की नमी का प्रतिशत 29 प्रतिशत रहा था। माहौल में 60 से 70 फीसदी नमी होनी जरूरी है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 मई तक तपिश का यही हाल रहेगा। फिर आंधी-बूंदाबांदी का अनुमान है। सीएसए के मौसम विभाग की वेधशाला की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री रहा है। न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। हवा में नमी की कमी के कारण लू अधिक तेज लगी।
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कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
24 घंटे में सुबह की नमी 24 प्रतिशत कम हुई है। दोपहर की नमी तीन दिन से लगातार 17 प्रतिशत पर बनी हुई। इस वजह से दोपहर में तपिश चरम पर पहुंच जा रही है।
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कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
सीएसए के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि हवाएं राजस्थान के थार मरुस्थल से गर्म होकर यहां आ रही हैं। इस वजह से इनमें नमी कमी हो जाती है।
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कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
28 मई तक गर्मी के इसी तरह बने रहने का पूर्वानुमान है। 30-31 मई को आंधी और बूंदाबांदी का अनुमान है। इससे मौसम में बदलाव आएगा।
बचाव
- तेज धूुप में बेवजह घर से बाहर न निकलें
- खूब पानी पीकर बाहर निकलें
- पानी साथ रखें, थोड़ी-थोड़ी देर में पीते हैं
- सूती अंगोछा से सिर, चेहरा ढंके रहें
- ठंडी जगह से एकदम बाहर गर्म माहौल में न आएं
- मुंह सूखे, शरीर में जलन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।