जब भी हम अपनी आंखों के सामने किसी का घर जलता हुआ देखते हैं और पीड़ित की चीख-पुकार कानों में महसूस करते हैं तो मन के भीतर से एक ही पुकार आती है, पीड़ितों की मदद करो। लेकिन जब यह हादसा एक विकराल रूप धारण कर लेता है तो आप अंदाजा लगा सकते है चोट भी कितनी गहरी लगती होगी।
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आग के बाद गांव के घरों की स्थिति
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट के पहाड़ी इलाके के पथरा गांव में अचानक आग लगने से डेढ़ दर्जन घर देखते ही देखते स्वाहा हो गए। हालांकि इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई। लेकिन आर्थिक नुकसान बड़ा हुआ।
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चित्रकूट में आग के बाद गांव की तस्वीर
तकरीब 40 लाख की गृहस्थी व अनाज राख हो गया। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड की मदद से तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया। शनिवार दोपहर अचानक साढे़ तीन बजे गांव के जगदीश पीढ़िया के घर में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। घर में मौजूद महिलाएं आग को देखकर चिल्लाती हुई बाहर की ओर भागीं। ग्रामीणों ने अपने प्रयास से आग पर नियंत्रण का प्रयास किया लेकिन आग की लपटें बढ़ती चली गईं।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लगभग एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाना शुरू किया।
इस बीच आग ने एक दर्जन घरों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर सदर विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, एसडीएम दुर्गेश पांडेय, जगदीश गौतम व आशीष सिंह आदि ने ग्रामीणों का हौसला बढ़ाकर पीड़ितों को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों के अनुसार इस आग से 16 घरों की लगभग 40 लाख की संपत्ति राख हो गयी है।