फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की जमानत खारिज, पहले कारतूस और फिर उपलब्ध कराई थी कार

Thu, 14 Jan 2021 05:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
कुख्यात विकास दुबे के खजांची रहे जय बाजपेई की जमानत अर्जी बुधवार को खारिज कर दी गई। उस पर घटना से पहले विकास दुबे के पास कारतूस पहुंचाने और बाद में उसके भागने के लिए गाड़ी व नकदी देकर मदद का आरोप है। जयकांत बाजपेई उर्फ जय माती जेल में है।
विज्ञापन

2 of 6
गैंगस्टर जय बाजपेई और विकास दुबे - फोटो : amar ujala
मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट रामकिशोर की अदालत में चल रही है। बुधवार को जयकांत बाजपेई के जमानती प्रार्थना पत्र की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने दलील दी कि जयकांत की घटना में कोई संलिप्ता नहीं रही है और न ही वह नामजद अभियुक्त है।

 
विज्ञापन

3 of 6
विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई - फोटो : amar ujala
इस पर सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा ने बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि जयकांत बाजपेई ने साथी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू के साथ मिलकर विकास दुबे को घटना से पहले रुपये व कारतूस पहुंचाए थे। जघन्य हत्याकांड के बाद उसने विकास को भागने में मदद करते हुए गाड़ी उपलब्ध कराई थी।

 

4 of 6
विकास दुबे के करीबी जय का सटोरियों से कनेक्शन - फोटो : अमर उजाला
विकास की मदद के आरोप में अन्य अभियुक्त तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी, दरोगा केके शर्मा आदि की जमानत खारिज की जा चुकी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जयकांत बाजपेई की जमानत खारिज कर दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि जमानत के लिए वह उच्च न्यायालय जाएंगे। 

 
विज्ञापन

5 of 6
विकास दुबे: जय की पत्नी श्वेता - फोटो : amar ujala
फर्जी सिम रखने के मामले में बिकरू कांड की आरोपी खुशी की सुनवाई अब किशोर न्याय बोर्ड में होगी। बुधवार को एंटी डकैती कोर्ट ने खुशी के नाबालिग होने के कारण पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी। सुनवाई की अगली तारीख 18 जनवरी तय की गई है। खुशी पर फर्जी आईडी से सिम रखने का आरोप है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
विकास के साथ डांस करता जय - फोटो : amar ujala
खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कोर्ट में साक्ष्य देकर बताया कि खुशी अपने मां गायत्री के नाम सिम का इस्तेमाल कर रही थी। अधिवक्ता ने बताया कि फर्जी सिम के मामले में खुशी की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में होगी। अन्य मामलों की सुनवाई बाल न्यायालय होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें