बिकरू कांड में एसआईटी ने विकास दुबे व उसके पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों, सहयोगियों के 37 नाम बताकर राजस्व अधिकारियों से उनकी चल-अचल, बेनामी संपत्ति का ब्योरा मांगा है। डीएम कानपुर ने बिल्हौर एसडीएम को विकास दुबे से जुड़े लोगों की सूची देकर 25 वर्षों में खरीद-बिक्री, कब्जा आदि करने की स्थिति की रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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विकास दुबे की अस्थियां लेकर जाता बेटा साथ में रिचा दुबे
- फोटो : amar ujala
एसआईटी ने बिकरू गांव निवासी मुख्य आरोपी विकास दुबे, उसके पिता रामकुमार दुबे, माता सरला दुबे, पत्नी रिचा दुबे, पुत्र आकाश, शांतनु, भाई दीपू दुबे, आशीष दुबे, बिकरू प्रधान व बहू अंजलि दुबे, बहन चंद्रप्रभा सहित देवीप्रसाद दुबे, रामजी दुबे, श्यामजी दुबे, रेखा, संकटाप्रसाद, अतुल दुबे, राजाराम उर्फ प्रेमकुमार, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा, श्यामू बाजपेई, दयाशंकर अग्निहोत्री, शशिकांत पांडे, बउअन उर्फ बब्बन, बालगोविंद, गोपाल सैनी, शिवम दुबे, धर्मेंद्र उर्फ हीरू, शिव तिवारी, रामू बाजपेई की संपत्ति का ब्योरा मांगा है।
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विकास दुबे कांड में अब जय की पत्नी का भी आया नाम
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा बसेन निवासी दिनेश तिवारी, काकादेव निवासी राजू खुल्लर, कंजती निवासी छोटू शुक्ला, काशीराम निवादा निवासी जहान यादव, मदारीपुरवा निवासी रामसिंह, नारेपरुवा मैथा निवासी राहुल पाल, सुज्जानिवादा निवासी भीटी प्रधान विष्णूपाल उर्फ जिलेदार यादव की सभी संपत्तियों की जानकारी मांगी गई है। एसडीएम बिल्हौर पीएन सिंह ने बताया कि जानकारी जुटाई जा रही है।
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जय बाजपेई और गैंगस्टर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
अभी तक पुलिस इस मामले में 20 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के सात साथी सरेंडर भी कर चुके हैं। वहीं इस घटना में शामिल कई बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।