बिकरू कांड के आरोपी गोपाल सैनी को रिमांड पर लेकर पुलिस ने उसकी निशानदेही पर भीटी गांव के पास के जंगलों से एक लाइसेंसी राइफल बरामद की। राइफल जेल भेजे गए जहान सिंह के नाम पर है। पुलिस ने जहान सिंह पर लाइसेंसी शस्त्र का गलत इस्तेमाल करने की धारा में केस दर्ज किया है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
रिमांड का वक्त पूरा होने के बाद गोपाल को वापस जेल में दाखिल कर दिया गया। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गोपाल सैनी की एक दिन की रिमांड मिली थी। गुरुवार सुबह उसको रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में उसने पूरी वारदात कबूली।
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विकास दुबे कांड
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उसने बताया कि उसके घर के बाहर ही एसओ महेश यादव को मारा गया। वो इसका दरवाजा खटखटाते रहे थे लेकिन उनकी मदद नहीं की गई थी। गोपाल खुद जहान सिंह की राइफल से गोलियां दाग रहा था। भीटी गांव के बाहर जंगल में उसने राइफल छिपा दी थी। पुलिस उसको मौके पर ले गई और वहां से राइफल बरामद की।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बोला, भइया ने जो कहा, वो हमने किया
गोपाल ने बताया कि भइया (विकास दुबे) ने उसको बुलाया था। जब वो उनके घर पहुंचा तो वहां पर असलहों से लैस दर्जनों लोग मौजूद थे। विकास ने कहा कि पुलिस के भेष में बदमाश आने वाले हैं। इसलिए उन पर हमला करना है, कोई बचना नहीं चाहिए। इसलिए उसने हमला किया। भइया ने जो कहा वो हमने किया। उसको किए पर पछतावा नजर नहीं आया।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
अभी तक पुलिस इस मामले में 15 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के एक साथी ने सरेंडर भी किया है। वहीं इस घटना में शामिल कई बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।