बिकरू कांड के एक और आरोपी एक लाख के इनामी ने वकील की ड्रेस पहन कर मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। हालांकि एसटीएफ को उसके आने की भनक लग गई थी, लेकिन शातिर चकमा देने में कामयाब रहा। एसटीएफ ने उसे कोर्ट परिसर से उठाने का प्रयास किया।
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विकास दुबे फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इस पर वकीलों ने विरोध कर दिया। वकीलों की शिकायत पर कोर्ट ने एसटीएफ टीम को कड़ी चेतावनी दी। दो जुलाई की रात बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर गोलियां बरसाई गई थीं। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे।
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विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के कई आरोपी पुलिस से बचकर कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं। कुख्यात विकास के खास रहे धर्मेंद्र दुबे उर्फ धीरु ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अपने अधिवक्ता के साथ वकील की ड्रेस पहन कर वह कोर्ट तक पहुंचा। एसटीएफ कोर्ट के बाहर उसे गिरफ्तार करने के लिए नजर लगाए थी।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
टीम परिसर में डेरा डाले रही। इस बीच वह बचकर वकील की ड्रेस में कोर्ट तक पहुंच गया। इसकी भनक लगते ही एसटीएफ कोर्ट परिसर से उसे उठाने की कोशिश करने लगी। इससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इस पर अधिवक्ताओं ने विरोध किया।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष रमेश पांडेय, अवधेश शुक्ला, खुर्शीद अहमद ने सीजेएम विनय कुमार से इसकी शिकायत की। सीजेएम कोर्ट ने एसटीएफ टीम के एसआई विजय दर्शन, विनय कुमार, सिपाही विष्णु पाल, शमशाद अली व कानपुर स्वाट टीम प्रभारी दिनेश सिंह को तलब कर इस हरकत पर कड़ी चेतावनी दी। भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत देकर जाने दिया। कोर्ट ने आरोपी धर्मेंद्र को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।