आपराधिक मुकदमों के बावजूद पुलिसकर्मियों द्वारा जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट देकर जयकांत बाजपेई का पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हो सकती है।
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गैंगस्टर जय बाजपेई और विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
मामले की शिकायत लेकर पासपोर्ट ऑफिस पहुंचे अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने बताया कि विभाग की ओर से दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए डीजीपी को पत्र लिखा गया है।
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जय बाजपेई अपनी पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
अधिवक्ता ने पासपोर्ट ऑफिस में शिकायती पत्र देकर कहा था कि जयकांत ने आपराधिक मुकदमों व अन्य तथ्यों को छिपाकर धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाया था। जांच रिपोर्ट तैयार करने वाले पुलिसकर्मियों ने भी इस अपराध में जय की मदद की।
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जय बाजपेई पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
इन सबके बावजूद अब तक न तो जय का पासपोर्ट रद्द हुआ और न ही थाने में कोई मुकदमा ही दर्ज हुआ। जबकि दो साल पहले एएसपी कन्नौज की जांच रिपोर्ट में भी पासपोर्ट रद्द करने तथा पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात कही गई थी।
सौरभ का कहना है कि दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय पासपोर्ट ऑफिस से डीजीपी को पत्र लिखकर 15 दिन में रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही गई है। कार्रवाई न होने पर पासपोर्ट विभाग खुद वादी बनकर जय व दोषी पुलिसकर्मियों पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने व षड्यंत्र आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराएगा।