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बिकरू कांड चार्जशीट: मनु को न तो आरोपी बनाया न गवाह, सवालों के घेरे में पुलिस

Fri, 02 Oct 2020 07:34 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में पुलिस ने खुशी दुबे को अपराधी बनाया है। 17 धाराओं में उसके खिलाफ चार्जशीट लगाई है। वहीं मनु को अभी तक माफी दी है क्योंकि, उसको आरोपी नहीं बनाया है।
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विकास दुबे एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
गवाह में भी उसका नाम नहीं जोड़ा है जबकि उसके खिलाफ पुलिस के पास साजिश में शामिल होने के पुख्ता साक्ष्य हैं। ऐसा क्यों किया गया? इस पर कोई अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

 
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विकास दुबे का एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
मनु पांडेय के घर में ही डीएसपी देवेंद्र मिश्र को मारा गया था। घर के दरवाजे पर तीन अन्य पुलिसकर्मियों की भी हत्या की गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि वारदात से पहले अपने पति और ससुर को मनु ने ही बुलाया था।

 

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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
विवेचना में ये भी साफ हुआ कि सभी पुलिसकर्मियों को बदमाशों ने अपने ही असलहों से गोलियां मारी थीं। पुलिस के लूटे असलहों से उनको गोली मारने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।

 
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बैलिस्टिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि पुलिसकर्मियों को राइफल, डबल बैरल बंदूक, सेमी ऑटोमैटिक राइफल, तमंचा, सिंगल बैरल बंदूक आदि से गोलियां मारीं गई थीं। लूटे गए असलहों 9 एमएम पिस्टल, एके-47 और इंसास से पुलिसकर्मियों को गोली नहीं मारी गई थीं।
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