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बिकरू कांड: विकास दुबे और मारे गए गुर्गों के मुकदमे बंद होंगे, एनकाउंटर के बाद अब...

Sun, 04 Oct 2020 06:00 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में शामिल अभियुक्तों की जहां पुलिस फाइल में हिस्ट्रीशीट खुलेगी, वहीं दहशतगर्द विकास दुबे और पुलिस मुठभेड़ में मारे गए उसके अन्य गुर्गों की हिस्ट्रीशीट हमेशा के लिए फाइलों में बंद हो जाएगी।
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस विकास दुबे और एनकाउंटर में मारे गए उसके गुर्गों के सारे मुकदमों में कोर्ट में आख्या देकर मुकदमे बंद कराने की तैयारी में है। पुलिस ने 3 जुलाई से 10 जुलाई के बीच मुठभेड़ में विकास दुबे और उसके साथी अमर दुबे, प्रभात मिश्रा, अतुल दुबे, प्रेम प्रकाश पाण्डेय और प्रवीन दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
इन आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई थीं। विकास दुबे और गुर्गों के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज थे। एनकाउंटर के बाद अब उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। इसलिए पुलिस सीआरपीसी की धारा 173 के तहत कोर्ट में आख्या देकर मुकदमों को बंद कराएगी।

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विकास दुबे एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेन्द्र सिंह धर्मू ने बताया कि कोर्ट पुलिस की आख्या को जांचने के बाद फैसला करेगी। मुठभेड़ के दौरान मौजूद लोगों के बयान का भी जिक्र किया जाएगा जिसके बाद मुकदमों को बंद किया जाएगा।
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विकास दुबे का एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस रिकॉर्ड में जिंदा रहेगा विकास
सूत्रों के अनुसार विकास दुबे भले ही इस दुनिया में नहीं रहा, कोर्ट से मुकदमे भी खत्म कर दिए जाएंगे पर पुलिस के रिकार्ड में वह हमेशा जिंदा रहेगा। एक अधिकारी ने बताया कि विकास व उसके गैंग से जुड़े लोगों की मौत के बाद भी हिस्ट्रीशीट बंद नहीं की जाएगी। पुलिस के रिकार्ड में पूरा घटनाक्रम और हिस्ट्रीशीटर का सिजरा मौजूद रहेगा।
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