बिकरू कांड के आरोपी चौबेपुर थाने के दरोगा की मंगलवार को जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। बचाव पक्ष ने घटना के दौरान दरोगा के मौके पर न होने की दलीलें दी। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने विकास दुबे से गहरे संबंध होने की बात रखी। साथ ही उसके साथ कई कार्यक्रमों में शामिल होने के साक्ष्य की बात कहकर जमानत खारिज करने की मांग की थी।
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
दो जुलाई को चौबेपुर थाने के बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे ने साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर गोलियां बरसा दी थीं। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। इस घटनाक्रम में चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी व हल्का इंचार्ज केके शर्मा पर विकास के खास होने के साथ दबिश की सूचना विकास तक पहुंचाने के आरोप लगे थे।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
इस पर दोनों को निलंबित कर दिया गया था। विकास दुबे के खास गुर्गेे अमर दुबे की इसी वर्ष 29 जून को हुई शादी में दरोगा केके शर्मा शामिल हुआ था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो चुका है। पुलिस ने तत्कालीन एसओ विनय तिवारी व हल्का इंचार्ज केके शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों माती जेल में हैं।
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
मामले की सुनवाई स्पेशल जज डकैती राम किशोर की अदालत में चल रही है। दरोगा केके शर्मा के वकील ने जमानत अर्जी दाखिल की थी। इसकी सुनवाई मंगलवार को हुई। आरोपी दरोगा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा आए थे। उन्होंने दरोगा के निर्दोष होने का पक्ष रखा।
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विकास दुबे फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दलील दी कि दरोगा घटना के दौरान वहां नहीं था। इस पर सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा ने बचाव पक्ष की दलीलें खारिज करते हुए कहा कि दरोगा केके शर्मा के अपराधी विकास दुबे से गहरे संबंध थे। घटना के पहले विकास से बातचीत होने व दबिश की सूचना लीक करने के साक्ष्य हैं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दरोगा केके शर्मा की जमानत खारिज कर दी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से माती जेल से दरोगा को सुनवाई के दौरान पेश किया गया।
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विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
वकील ने पुलिस पर लगाए कई आरोप
आरोपी चौबेपुर थाने के निलंबित दरोगा केके शर्मा के अधिवक्ता अशोक शर्मा ने कहा कि पूरे मामले का बारीकी से अध्ययन करने पर पता चलता है कि पुलिस ने घटनाक्रम में मनमानी की है। दरोगा केके शर्मा को सिर्फ इस आरोप में गिरफ्तार किया गया कि उसने विकास दुबे को दबिश की सूचना दी।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
पांच जुलाई को तत्कालीन एसएचओ विनय तिवारी व दरोगा केके शर्मा को निलंबित किया गया था। तब आफिस से संबंद्ध किया था। बिना सूचना के आफिस न छोड़ने के लिए कहा गया था। इसके बाद विवेचक ने कहानी गढ़ी कि दरोगा केके शर्मा थाने आए और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की गई तो वह भागने लगा। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दरोगा केके शर्मा की खुश किस्मती है कि एनकाउंटर नहीं किया गया। वरना पुलिस ने हथकड़ी में लाने वालों को भी पिस्टल छीनकर भागने के आरोप में एनकाउंटर किया है। संदेह के आधार पर दरोगा की गिरफ्तारी की गई है।
एसओ विनय तिवारी की अर्जी पर सुनवाई बुधवार को
बिकरू कांड में आरोपी चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी ने भी जमानत अर्जी दाखिल की है। इसकी सुनवाई बुधवार को स्पेशल जज डकैती की कोर्ट में होगी। बता दें कि विनय तिवारी पर विकास के साथ गहरे संबंध होने व मुखबिरी से पहले विकास को पूरी सूचना देने का आरोप है। एसटीएफ की जांच में विनय तिवारी की तरफ से विकास का सहयोग करने का खुलासा होने पर उसे जेल भेजा गया था। उसकी बर्खास्तगी की भी कार्रवाई चल रही है।