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कानपुर एनकाउंटर में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, सही था एसओ के खिलाफ वायरल पत्र, चार्जशीट में सामने आया सच

Thu, 08 Oct 2020 05:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कानपुर के बिकरू कांड की चार्जशीट में एक और नया तथ्य सामने आया। एसओ विनय तिवारी के खिलाफ शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र का लिखा गया पत्र जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, वह सही था। पत्र लिखने वाले मुंशी ने इसकी पुष्टि की है। पत्र मार्च में लिखा गया था। चार्जशीट में पुलिस ने विनय के खिलाफ इस पत्र को साक्ष्य के तौर पर लगाया है।
 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
दरअसल बिकरू कांड के बाद तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। तभी एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। ये पत्र शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र ने लिखा था। पत्र तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को भेजा गया था। इसमें लिखा था कि विकास दुबे पर 150 केस दर्ज हैं। एसओ विनय तिवारी उसका कारखास है। 
 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
रंगदारी के एक केस से विनय ने विकास से साठगांठ कर रंगदारी की धारा हटा दी है। अगर ऐसा ही रवैया रहा तो विकास दुबे कभी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। इस पत्र को नजरअंदाज कर दिया गया था और एसओ पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। 
 

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
कुछ महीने बाद बिकरू कांड हो गया। पत्र वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे फर्जी बताया था। मगर चार्जशीट में पुलिस ने इसको सही साबित कर दिया है। ये पत्र सीओ पेशी सरिता ने लिखा था। अब सरिता की तैनाती इटावा में है। उन्होंने गवाह के तौर पर अपने बयान दिए हैं।
 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
वहीं, बिकरू में हुए हत्याकांड की साजिश काफी समय पहले से रची जा रही थी। इसमें एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर, विधायक, खनन माफिया भी शामिल थे। इस बात का खुलासा अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने बिकरू कांड की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित न्यायिक आयोग के सामने किया। उन्होंने हत्याकांड से जुड़े कुछ ऑडियो-वीडियो भी जल्द आयोग को सौंपने की बात कही।
 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
सौरभ ने आयोग को दिए शपथपत्र में कहा है कि जांच में फंसे तत्कालीन डीआईजी व पुलिस अधिकारियों तथा जय बाजपेई का नार्को ब्रेन मैपिंग, लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाए। सौरभ ने आयोग को विकास दुबे, उसके खजांची जय बाजपेई व उसके गिरोह के सदस्यों द्वारा खरीदी गई संपत्तियों का ब्योरा भी सौंपा।
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