विकास दुबे का सनकीपन लोगों में डर की मुख्य वजह है। जरा सी बात पर गोली चला देना विकास के लिए आम बात थी। ऐसे ही एक वाक्या का जिक्र करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि पंडितजी (विकास दुबे) पिछले साल एक कार्यक्रम में जाने के लिए तैयार थे। पेड़ के नीचे बैठे थे, तभी पेड़ के ऊपर से किसी पक्षी ने उनके ऊपर बीट कर दी। इस बात से खफा पंडितजी ने पक्षी को गोली मार दी।
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विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
एनकाउंटर की रात जब विकास और उसके गुर्गे पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसा रहे थे, तो उस वक्त ग्रामीण अपने घरों में सुकून की नींद सो रहे थे। यह कहना है विकास दुबे के घर के पीछे रहने वाले कुछ ग्रामीणों का।
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पूर्व सांसद राजा राम पाल के साथ विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
उन्होंने बताया कि बिकरू में आए दिन कभी किसी से विवाद को लेकर तो कभी सिर्फ असलहों की टेस्टिंग के कारण अक्सर पंडितजी के घर से फायरिंग की आवाजें आती रहती थीं।
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हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
गोलियों की तड़तड़ाहट सुन-सुन कर वो इसके इतने आदी हो चुके थे, कि अब उन्होंने इस पर ध्यान देना ही बंद कर दिया था। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार को हुई घटना के चार दिन पहले भी पंडितजी का किसी से विवाद हुआ था, जिसमें भी ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी।
इसके बाद जब गुरुवार की रात भी फायरिंग की आवाजें आईं तो इसे आम दिनों की तहर गोलियों की तड़तड़ाहट समझ कर किसी ने अपने घरों से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाई। विकास के खिलाफ बयान देने के सवाल पर ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर वो बच कर आ गया तो किसी को नहीं छोड़ेगा।