बिकरू कांड में फोरेंसिक जांच रिपोर्ट ने वायरल कॉल रिकॉर्डिंगों पर मुहर लगा दी हैं। मनु पांडेय समेत वायरल हुई सभी कॉल रिकॉर्डिंग में संबंधित शख्स की ही आवाज थी। फोरेंसिक लैब की तरफ से इसकी पुष्टि के लिए 65बी का सर्टिफिकेट दिया है। केस के जांच अधिकारी ने इसको विवेचना में शामिल कर लिया है।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
इससे एक बात साफ हो गई कि मनु पांडेय पर जिन आरोपों (साजिश में शामिल होने) की आशंका जताई गई थी वो सही है। बिकरू गांव में दो जुलाई की रात विकास दुबे व उसके गुर्गों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।
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शशिकांत की पत्नी मनु
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दो दिन बाद ही गांव निवासी विकास की रिश्तेदार मनु पांडेय की कई कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई थीं जिनसे ये साबित हो रहा था कि घटना की साजिश में मनु शामिल रही है। पर, पुलिस ने साक्ष्यों की पुष्टि न होने का हवाला देकर मनु पांडेय को आरोपी नहीं बनाया था लेकिन अब इन साक्ष्यों की पुष्टि हो गई है।
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Kanpur encounter
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विकास की आवाज पर भी लगी मुहर
विकास दुबे ने दबिश से ठीक पहले सिपाही राजीव को फोन कर धमकी दी थी। कहा था कि अगर दबिश पड़ी तो वो एक-एक का खून कर देगा। पुलिस ने इस रिकॉर्डिंग की भी जांच कराई तो फोरेंसिक लैब ने पुष्टि की है कि धमकी देने वाली कॉल में उसी की आवाज है। उसकी और शहीद सीओ, जेल गए निलंबित एसओ विनय तिवारी आदि की भी रिकॉर्डिंग की जांच रिपोर्ट मिल गई हैं।
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इसलिए मनु फंस रही
सीओ देवेंद्र मिश्र की हत्या मनु के घर के आंगन में की गई थी। चौखट पर दो अन्य पुलिसकर्मियों को मारा गया था। वारदात के ठीक बाद मनु ने कहा था कि उसको कुछ नहीं पता। पर, उसकी जो कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई थीं उसमें मनु ये कहती सुनाई दे रही थी कि पुलिस वालों को विकास भइया व अन्य ने मार दिया है।
फोन कहां छिपाऊं, तोड़ दें क्या। एक अन्य रिकॉर्डिंग में वारदात से पहले खुद मनु ने अपने ससुर प्रेमप्रकाश पांडेय को घर बुलाया था और कहा था कि विकास ने बुलाया है छत पर। इन्हीं साक्ष्यों की वजह से मनु पांडेय केस में फंसी है।