गैंगस्टर विकास दुबे ने पूरी तैयारी के साथ बिकरू कांड को अंजाम दिया था। घटना से पहले विकास ने साथियों व महिलाओं संग बैठक की। असलहे और बम इकट्ठा किए। सबको अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी और पुलिस के आने और उनकी हत्या के बाद भागने तक की सारी रणनीति तैयार की।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
विकास की तैयार स्क्रिप्ट में महिलाओं की भूमिका भी अहम थी। विवेचना में इन तथ्यों का खुलासा होने के बाद ही विवेचक ने पुलिसकर्मियों पर हमला, हत्या सहित डकैती, गाली-गलौज व मारपीट तथा सामान्य उद्देश्य से किए गए अपराध और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत धाराएं बढ़ाकर आरोपियों का न्यायिक रिमांड लिया था।
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अमर दुबे की शादी की फोटो
- फोटो : amar ujala
इन तथ्यों का खुलासा बिकरू कांड की चार्जशीट से हुआ है। राहुल तिवारी की तहरीर पर विकास दुबे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी उसे शाम चार बजे ही मिल गई थी। उसे मालूम था कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस रात को दबिश देगी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
जानकारी मिलते ही विकास ने घर पर ही साथियों के साथ बैठक कर उन्हें दबिश की जानकारी दी और पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए उकसाया। बैठक में महिलाएं भी शामिल थीं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। विकास ने साथियों के लाइसेंसी असलहे अपने पास जमा करा लिए।
कुछ कट्टे और बम भी इकट्ठा किए और जेसीबी भी मंगवाई। घटना के बाद भागने के लिए धन और वाहन की व्यवस्था भी कर ली गई थी। वहीं महिलाओं को टॉर्च और मोबाइल का इस्तेमाल कर छिपे पुलिसकर्मियों की लोकेशन देने के लिए कहा गया था। विकास ने उनसे कहा था कि फायरिंग के दौरान भागते हुए पुलिसकर्मियों पर वह नजर रखें और चिल्लाकर या रोशनी के इशारे से जानकारी दें।