यूपी के कानपुर जिले के बिकरू में दो जुलाई की रात को दबिश देने गई पुलिस की टीम पर साथियों के साथ हमला कर आठ पुलिसकर्मियों की वीभत्स तरीके से हत्या करने वाला विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। उसे कल मध्य प्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद यूपी एसटीएफ उसे कानपुर ला रही थी। कानपुर जिले से दो किलोमीटर दूर एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। जिसके बाद विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विकास को मुठभेड़ में मार गिराया।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह कानपुर नगर भौंती के पास पुलिस की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। जिससे उसमें बैठे विकास व पुलिस जवान घायल हो गए। इसी दौरान विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम द्वारा पीछा कर उसे घेर कर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। लेकिन वह नहीं माना और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। जिसमें विकास दुबे घायल हो गया, जिसे तत्काल ही इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान विकास दुबे की मौत हो गई है।
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Vikas Dubey encounter
- फोटो : अमर उजाला
शुरुआती जानकारी सामने आई है कि विकास दुबे को चार गोलियां लगी हैं। पुलिस ने भी भागे रहे विकास को उसी तरीके से मारा, जिस तरीके से उसने आठ पुलिकर्मियों की हत्या की थी। आपको बता दें कि मुठभेड़ में दो इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ बिल्हौर, एसओ शिवराजपुर के अलावा दो दरोगा, चार सिपाहियों को बेरहमी से मार डाला था। शातिर बदमाशों ने गोलियों के अलावा बम और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र को वीभत्स तरीके से मारा था। हमला होते ही सीओ दीवार कूदकर एक घर में जाकर छिपे थे। बदकिस्मती से ये घर विकास के मामा का था। बदमाशों ने घर में घुसकर दीवार से सटाकर सीओ के सिर पर ताबड़तोड़ कई गोलियां मारीं। पूरा शव क्षत-विक्षत कर एक पैर भी काट दिया। घटनास्थल देख हर कोई सहम गया।
विकास के घर पड़ी दबिश को सीओ देवेंद्र सिंह लीड कर रहे थे। हमला होते ही हर कोई इधर-उधर भागने लगा। सीओ के सामने ही तीन चार सिपाहियों को मार दिया गया। तभी सीओ एक दीवार कूदकर घर में घुस गए। ये घर विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय (मुठभेड़ में मारा गया, पुराना डकैत) का था। प्रेम प्रकाश ने तुरंत विकास को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आठ-दस बदमाश घर में घुसे और सीओ का सिर दीवार से सटाकर उनके सिर पर कई गोलियां दागीं। फिर घसीटकर बाहर ले गए और वहां पर भी गोली मारी। एक पैर भी काट दिया था।