कानपुर के बिकरू गांव में हुए एनकाउंटर में जिला पंचायत सदस्य गुड्डन त्रिवेदी के शामिल होने की आशंका है। खासकर असलहा मुहैया कराने की। ये भी शक है कि उसने गोलियां भी चलाईं। मगर शहर पुलिस अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस जांच का हवाला दे उसकी भूमिका की जांच करने की बात कह रही है। गुड्डन विकास के गैंग का खास साथी है इसकी पुलिस ने पुष्टि की है।
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विकास दुबे के साथ गुड्डन
- फोटो : अमर उजाला
गुड्डन दर्जा प्राप्त मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या में भी शामिल था। वो कम से तीन चार असलहे हमेशा अपने साथ लेकर चलता था। अधिकतर वो बिकरू में विकास के घर पर ही रहता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात की रात वो विकास के साथ था। विकास के कहने पर अपने लाइसेंसी शस्त्र के अलावा अपने गुर्गों से भी असलहा, कारतूस और देसी बम मंगवाए। एसएसपी निदेश कुमार पी का कहना है कि गुड्डन वारदात में शामिल था या नहीं। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्य मिलेंगे तो केस में नाम बढ़ाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अखिलेश यादव के साथ गुड्डन
- फोटो : अमर उजाला
जारी किया था पोस्टर
बिकरू गांव एनकाउंटर के मामले में पुलिस 21 नामजद और 70 अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया था। इसमें गुड्डन का नाम नहीं था। बाद में पुलिस ने जांच की और 15 आरोपियों को चिन्हित कर एक पोस्टर जारी किया। जिसमें वो था। पुलिस जांच में वारदात में उसके शामिल होने के साक्ष्य मिले थे, उसी आधार पर उसको वांछित किया गया था। अब पुलिस पलट गई है।
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अखिलेश यादव के साथ गुड्डन
- फोटो : अमर उजाला
दबाव बनाकर खत्म कराया था केस
कुछ समय पहले रूरा थाने में गुड्डन के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, धमकी देने और बलवा समेत अन्य कई धाराओं में केस दर्ज हुआ था। जांच के बाद मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पुलिस से अच्छी बनती थी और वादी को डराया धमकाया गया। जिस आधार पर केस बंद हुआ।
गुड्डन त्रिवेदी विकास के गैंग का सदस्य है। जांच में नाम सामने आया था, अभी आरोपी नहीं बनाया गया है। पूछताछ के बाद जो साक्ष्य मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार पी, एसएसपी