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विकास दुबे: बिकरू के 19 असलहाधारियाें को डीएम का नोटिस, अभी तक नहीं मिला विकास के हथियारों का जखीरा

Thu, 08 Oct 2020 04:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड से जुड़े 19 असलहा लाइसेंसधारियों को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश जिलाधिकारी की तरफ से दिया गया है। इनके असलहों के लाइसेंस निरस्त करने की सुनवाई चल रही है। इन लोगों से जवाब तलब किया गया है। जिलाधिकारी कोर्ट से अभी तक जय बाजपेई, जहान सिंह, उमाशंकर, राम सिंह, विष्णुपाल सिंह, यादवेंद्र सिंह, रवींद्र कुमार, जयशंकर और राजाराम के लाइसेंसों को निरस्त किया जा चुका है।


 
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
विकास दुबे के सबसे बड़े राजदार गुड्डन त्रिवेदी ने पुलिस की पूछताछ में बहुत से राज अभी नहीं उगले हैं। बिकरू हत्याकांड में बदमाशों ने जो असलहे इस्तेमाल किए, कहां गए, यह पुलिस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। असलहे न तो विकास दुबे के घर के सामने कुएं में मिले और न ही गांव के तालाब में। न ही उस पुल के नीचे जहां ग्रामीणों ने बताया था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि असलहे गए कहां। बीते गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने बिकरू गांव पहुंचकर तालाब में असलहों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली है। 

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala

कानपुर देहात से जिला पंचायत सदस्य गुड्ड्न त्रिवेदी उर्फ अरविंद को पर्दे के पीछे से वारदातों को अंजाम देने में महारत हासिल है। इसी वजह से वो कभी पुलिस के रडार में नहीं आया। बिकरू हत्याकांड में भी उसने पर्दे के पीछे से पूरी साजिश को अंजाम दिया। गुड्डन त्रिवेदी ने विकास के कहने पर बदमाशों को असलहों के साथ बिकरू गांव भेजा था। सूत्रों की मानें तो गुड्डन त्रिवेदी को इस बात का पता है कि वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने असलहे कहां छिपाए हैं।

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विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत सदस्य गुड्डन त्रिवेदी उर्फ अरविंद को बिकरू गांव हत्याकांड के बाद महाराष्ट्र एटीएस ने उसके ड्राइवर सोनू के साथ गिरफ्तार किया था। कानपुर पुलिस ने पहले तो गुड्डन त्रिवेदी को इस हत्याकांड में शामिल होने से इनकार किया था। इसके बाद गुड्डन त्रिवेदी से पूछताछ के लिए ट्रांजिट रिमांड पर लाने का फैसला किया था। गुड्डन ने बिकरू हत्याकांड के लिए विकास को असलहे और कारतूस मुहैया कराए थे। ट्रांजिट रिमांड में जब पुलिस गुड्डन को कानपुर लाई तो सिर्फ रात में ही पूछताछ करने के बाद अगले दिन सुबह ही उसे जेल भेज दिया। 
 
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विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 2 जुलाई की रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के कहने पर गुड्डन त्रिवेदी ने असलहों के साथ बाइक से बदमाशों को भेजा था। यह सभी बदमाश असलहे चलाने में माहिर थे। आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद सभी बदमाश असलहों के साथ फरार हो गए थे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि सभी बदमाशों ने गुड्डन की बताई हुई जगहों पर असलहों को ठिकाने लगाया था। लेकिन पुलिस उससे यह राज नहीं उगलवा सकी।
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