बिकरू कांड में दोषी पाए गए 23 पुलिसकर्मी (दरोगा, इंस्पेक्टर व सिपाही) में से 19 के बयान दर्ज हो गए हैं। सभी ने अपने को निर्दोष बताया है। सीधेतौर पर किसी ने भी विकास व जय के साथ सांठगांठ नहीं स्वीकारी है। बिकरू कांड में 51 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
इनमें से 11 डीएसपी की जांच एसपी पश्चिम कर रहे हैं। 14 पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जांच डीआईजी केपास है। अन्य 23 के खिलाफ एसपी पूर्वी को जांच दी गई थी। एसपी पूर्वी शिवाजी ने बताया कि 19 पुलिसकर्मियों के बयान हो चुके हैं। चार के बाकी हैं। उधर एसपी पश्चिम की जांच भी जारी है। लगभग सभी डीएसपी के बयान हो गए हैं।
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कानपुर एनकाउंटर
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फेसबुक पेज चलाने वालों पर शिकंजा नहीं
विकास दुबे के समर्थन में 11 फेसबुक पेज चल रहे हैं। पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि सर्विलांस की मदद से ये पेज बंद कराए जाएंगे और उनको संचालित कराने वालों पर कार्रवाई होगी। मगर अब तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
फेसबुक मुख्यालय ने पुलिस से कोई भी जानकारी साझा नहीं की है। लिहाजा पुलिस फेसबुक पेज चलाने वालों को ट्रेस नहीं कर पा रही है। उधर पुलिस शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र के गायब मोबाइल का भी सुराग नहीं लगा सकी है जिससे कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हो रही थी।
केस के विवेचना में उलझी पुलिस
एसआईटी की सिफारिश पर चौबेपुर पुलिस ने नौ आरोपियों पर फेक आईडी पर सिम का इस्तेमाल करने के मामले में केस दर्ज किया था। जांच में पता चला है कि इसमें से अधिकतर आरोपी अपने रिश्तेदारों की आईडी पर सिम लिए हैं। ऐसे में अपराध साबित नहीं हो रहा है। इसलिए पुलिस केस की विवेचना में उलझ गई है। अब जल्द ही पुलिस इसमें विधिक राय लेगी, तब आगे की कार्रवाई करेगी।