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बिकरू कांड: एसआईटी की जांच में खुलासा, गुड्डन त्रिवेदी ने तथ्य छिपाकर लिए थे शस्त्र लाइसेंस और सिम कार्ड

Wed, 25 Nov 2020 10:00 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे के साथ गुड्डन - फोटो : अमर उजाला
कुख्यात विकास दुबे के करीबी रहे अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन ने आपराधिक इतिहास छिपाकर शस्त्र लाइसेंस लिया था। उसने मूल पता कुढ़वा, शिवली के बजाय रूरा दिखाकर आवेदन किया था। इसके साथ ही फर्जी शपथ पत्र लगाए थे।
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गुड्डन त्रिवेदी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने उसके मूल पते के बाबत छानबीन नहीं की थी। एसआईटी की जांच में खुलासा होने पर गुड्डन के विरुद्ध मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप यह भी है कि फर्जी दस्तावेज लगाकर मोबाइल सिम कार्ड भी लिया था।

 
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
चौबेपुर के बिकरू गांव निवासी विकास दुबे का करीबी अरविंद त्रिवेदी उर्फ गड्डन भी बेहद शातिर है। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ कि मूल रूप से कुढ़वा शिवली का रहने वाला गुड्डन वर्ष 1996 में रूरा कस्बे के आंबेडकर नगर में रहने लगा था।

 

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विकास दुबे एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
शिवली थाने में उसका आपराधिक इतिहास है। इस कारण उसने रूरा के पते से आवेदन करके वर्ष 1998 में राइफल और 2010 में दोनाल बंदूक का लाइसेंस लिया था। लेकिन बिकरू कांड के बाद वह फरार हो गया था।

 
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विकास दुबे का एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया था। एसआईटी की जांच में उसके फर्जी दस्तावेज लगाकर शस्त्र लाइसेंस व सिम लेने का खुलासा होने के बाद कार्रवाई की गई। इंस्पेक्टर विद्यासागर सिंह ने गुड्डन पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज लगाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

 
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सोमवार को गुड्डन की पत्नी कंचन त्रिवेदी पर शिवली कोतवाली में तथ्य छिपाकर लाइसेंस लेने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इंस्पेक्टर विद्यासागर सिंह ने बताया गुड्डन त्रिवेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है।
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