फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुलीबाजार हादसा: 13 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, हिरासत में चार जिम्मेदार

Tue, 24 Nov 2020 11:11 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
कुलीबाजार हादसा - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के कुलीबाजार लोहा मंडी में इमारत ढहने के मामले में 13 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान 60 वर्षीय बुजुर्ग के अलावा अन्य किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई। प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने अब मलबे में किसी के भी दबे होने की आशंका खारिज कर दी है।

वहीं, शाम को जब मृतक की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव बता परिजनों को शव देने से प्रशासन ने इंकार किया तो लोग भड़क गए। परेड-घंटाघर सड़क को जाम कर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस से नोकझोक भी हुई। करीब एक घंटे तक हंगामा चला। अफसरों के समझाने के बाद लोग शांत हुए। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है।
विज्ञापन

2 of 6
कुलीबाजार हादसा - फोटो : अमर उजाला
लोहामंडी में सोमवार रात जैन बिल्डिंग का पिछला हिस्सा ढह गया था। हादसे में 60 वर्षीय राकेश शर्मा की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। पुलिस, नगर निगम की टीमें रात नौ बजे से राहत व बचाव कार्य में जुट गई थीं। रात करीब 12 बजे एसडीआरएफ की टीम लखनऊ से कानपुर पहुंची।

सुबह दस बजे तक एसडीआरएफ की टीम मलबा हटाने में जुटी रही। अनवरगंज सीओ मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि हादसे अन्य किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। मलबे में कोई अन्य शख्स नहीं दबा था। शाम करीब चार बजे राकेश के परिजनों को बताया गया कि उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
विज्ञापन

3 of 6
कुलीबाजार हादसा - फोटो : अमर उजाला
इसलिए शव परिजनों को नहीं सौंपा जाएगा, इससे वे लोग भड़क गए। शव को परिजनों को सौंपने की मांग करते हुए पचास से अधिक लोगों ने सड़क जाम कर दी। करीब एक घंटे बाद समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही शव का अंतिम संस्कार कराया गया। 

 

4 of 6
कुलीबाजार हादसा - फोटो : अमर उजाला
डायवर्ट किया गया ट्रैफिक, जाम से जूझे लोग 
सड़क जाम करने के कारण परेड से घंटाघर तक दोनों तरफ यातायात रुक गया। भारी ट्रैफिक होने की वजह से पुलिस के भी हाथपैर फूल गए। माल रोड की तरफ से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। भीड़ इतनी थी कि डायवर्जन का असर नहीं दिखा। घंटों लोग जाम में परेशान होते रहे। 

 
विज्ञापन

5 of 6
कुलीबाजार हादसा - फोटो : अमर उजाला
चारों आरोपियों से पूछताछ जारी
बिल्डिंग अजीत जैन की है। पास की जमीन पर विकास जैन, रवि शुक्ला उनका बेटा विकास शुक्ला और अमित जैन खुदाई करवा रहे थे। इसी अवैध खुदाई की वजह से हादसा हुआ। मामले में पुलिस ने इन चारों आरोपियों को हिरासत में लिया है। पूछताछ जारी है। सीओ का कहना है कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कुलीबाजार हादसा - फोटो : अमर उजाला
तीन मंजिला है इमारत
जैन बिल्डिंग तीन मंजिला है जिसका पीछे का हिस्सा ढहा था। अवैध खुदाई इस कदर की गई कि ये इमारत टीले पर टिकी हुई थी। वहीं ड्रिलिंग और जेसीबी चलाने की वजह से बिल्डिंग कमजोर होती गई और आखिर में ढह गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें