बिकरू कांड का मध्य प्रदेश कनेक्शन शुरू से रहा है। विकास दुबे का सार्वजनिक रूप से सरेंडर भी मध्यप्रदेश के उज्जैन में हुआ। तब एक बात यह भी सामने आई थी कि वहीं एक शराब कारोबारी के यहां विकास ने पनाह ली थी। एक बड़े नेता के इशारे पर उसने सरेंडर किया।
विज्ञापन
2 of 5
विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अब असलहों की खरीदफरोख्त में भी एमपी कनेक्शन सामने आया है, जिसमें बसपा नेता शामिल है। विकास दुबे की हर राजनीतिक दल में अच्छी पैठ थी। 2017 में जब एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया था, तब उसने ये बात खुलेआम कबूली थी।
विज्ञापन
3 of 5
विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद नौ जुलाई की सुबह उज्जैन में जब उसने सरेंडर किया तब एक सत्ताधारी नेता द्वारा मदद करने की बात सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक विकास को उम्मीद थी कि अगर वो एमपी में सरेंडर करेगा तो एनकाउंटर नहीं होगा। इसके बाद अमर दुबे समेत अन्य बदमाशों ने भी मध्य प्रदेश भागने का प्रयास किया था।
4 of 5
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
गिरोह बनाने की थी तैयारी
एसटीएफ के मुताबिक आठ माह तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पकड़े गए सभी आरोपी निश्चिंत हो गए थे। उनको लग रहा था कि अब कोई कार्रवाई नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक ये सभी गिरोह बनाने की तैयारी में थे। असलहों की तस्करी के साथ वारदातों को भी अंजाम देते।
कहीं डकैतों को तो नहीं कर रहे थे सप्लाई
जिस तरह के असलहों की डिमांड सत्यवीर सिंह की तरफ से की जा रही थी और जो असलहे खरीदे गए, उससे ये साफ है कि उसका इस्तेमाल कहीं बड़ी घटना में करने की तैयारी थी। आशंका ये भी है कि कहीं डकैतों को तो ये असलहे सप्लाई तो नहीं कर रहे थे।