गैंगस्टर जयकांत बाजपेई के खिलाफ जिन दो मुकदमों में कई साल पहले फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है उसे भी नजीराबाद पुलिस ने आपराधिक इतिहास में शामिल कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी। इस पर विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट पवन कुमार श्रीवास्तव ने विवेचक को स्पष्टीकरण के साथ तलब कर लिया है।
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जय बाजपेई और विकास दुबे की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। गैंगस्टर कोर्ट में जय की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इसमें नजीराबाद थाने से मंगाए गए आपराधिक इतिहास में जय पर अलग-अलग मामले में दस मुकदमे दर्ज होना बताया गया।
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जय बाजपेई पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
इस पर जय बाजपेई के अधिवक्ता शिवाकांत बाजपेई ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सूची में दो ऐसे मुकदमों का भी जिक्र कर दिया गया है जिसमें लगभग पांच से दस साल पहले ही पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
शिवाकांत ने जय पर गलत तरीके से गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई किए जाने का तर्क रखते हुए कहा कि खत्म हो चुके मुकदमों का जिक्र करके आपराधिक इतिहास बनाने की कोशिश की जा रही है। गलत रिपोर्ट देने पर कोर्ट ने विवेचक को तलब कर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
जय की दादी के मकान में कुर्की करने पहुंची टीम
नगर निगम की टीम शुक्रवार को विकास दुबे के खचांजी जय बाजपेई की दादी के मकान में कुर्की करने पहुंची। मकान में मौजूद महिलाओं सहित अन्य लोगों ने दो - तीन दिन में बकाया गृहकर जमा करने का आग्रह किया। नगर निगम टीम गृहकर जमा न होने पर दो-तीन दिन में कुर्की करने की चेतावनी देकर लौट गई। नगर निगम जोन-4 की प्रभारी पूजा त्रिपाठी ने बताया कि रामबाग स्थित तारा देवी के मकान नंबर - 107/299 पर 173262 रुपये गृहकर बाकी है। नोटिस देने के बावजूद गृहकर जमा नहीं किया।