चौबेपुर के बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारा और पांच लाख का इनामी विकास दुबे सातवें दिन नाटकीय घटनाक्रम के बाद उज्जैन (मध्यप्रदेश) के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया। मंदिर प्रांगण के बाहर उसने खुद बोला ‘मैं विकास दुबे हूं... कानपुर वाला’। इसके बाद मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
कानपुर पुलिस और एसटीएफ उसको ट्रांजिट रिमांड पर शहर लेकर आएगी। मध्यप्रदेश पुलिस विकास को शरण देने वाले शराब कारोबारी समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उधर गुरुवार तड़के पनकी और इटावा के सिविल लाइंस इलाके में हुई मुठभेड़ों में विकास के दो खास गुर्गे (दूर के रिश्ते के भाई-भतीजे) मार गिराए गए। मुठभेड़ में एसटीएफ के एक दरोगा समेत तीन सिपाही भी घायल हुए हैं।
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गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : ani
महाकाल मंदिर में विकास दुबे गुरुवार सुबह करीब 7:15 पर पहुंचा। एमपी पुलिस के मुताबिक महाकाल मंदिर में बाहर बने वीआईपी काउंटर पर विकास पहुंचा। यहां पर उसने 250 रुपये देकर रसीद काटने को बोला। कर्मचारी के पूछने पर उसने अपना नाम विकास दुबे ही बताया। यह भी कहा कि वह कानपुर से आया है। कर्मचारी को शक हुआ। एक जगह उसने मास्क हटाया तो उन्हें यकीन हो गया कि यही विकास दुबे है। सुरक्षाकर्मी ने पुलिस व अन्य सुरक्षाकर्मियों को जानकारी दी।
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गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : ani
इसके बाद करीब एक घंटे तक उसकी निगरानी करते रहे। जैसे ही उन्होंने कुछ पूछने का प्रयास किया तो विकास तेज-तेज से चिल्लाने लगा कि मैं विकास दुबे हूं... कानपुर वाला। ये सुनकर हर कोई हैरान रह गया। सुरक्षा कर्मियों ने उसे दबोच लिया। उज्जैन पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया। एसटीएफ और कानपुर पुलिस की टीम उसे लाने के लिए रवाना हो चुकी है। कोर्ट में पेश करने के बाद वह कानपुर लाया जाएगा।
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विकास दुबे को गिरफ्तार कर महाकाल थाने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पिस्टल और कार लूटकर भागे दो गुर्गे मारे गए
उधर फरीदाबाद में पकड़े गए विकास के गुर्गे प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा को पुलिस और नोएडा एसटीएफ की टीम कानपुर ला रही थी। पनकी थाना क्षेत्र के भौंती ट्रांसपोर्ट नगर के पास एक गाड़ी पंचर हो गई। एडीजी जय नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस कर्मी जीप से उतर ही रहे थे कि प्रभात दरोगा देवेंद्र सिंह की पिस्टल लूटकर भागने लगा।
पीछा करने पर उसने कई राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में प्रभात मार गिराया गया। मुठभेड़ में एसटीएफ के दरोगा अक्षय वीर त्यागी, सिपाही विकास व सिपाही सुनील घायल हुए। वहीं दूसरी तरफ दहशतगर्द के गुर्गे प्रवीण दुबे उर्फ बऊन ने तीन साथियों के साथ मिलकर बकेवर में झारखंड से दिल्ली जा रहे गणेश शाह, उनकेपिता जगदीश व भाई अमित को पीटकर उनकी स्विफ्ट डिजायर कार लूट ली और फरार हो गया। इटावा पुलिस ने सिविल लाइंस इलाके के लोहन्ना चौराहे पर चारों को घेर लिया। बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं तो जवाबी कार्रवाई में प्रवीण मारा गया। उसके तीनों साथी फरार हो गए।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाल ा
आखिर कैसे पहुंचा उज्जैन
यूपी और हरियाणा पुलिस ने दावा किया था कि विकास फरीदाबाद में है। बुधवार शाम वो ग्रेटर नोएडा पर्थला चौक पास देखा गया है। अगर ये सच है तो सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इतने कम समय में करीब आठ सौ किमी की दूरी उसने कैसे और किसके जरिये तय की। ये सवाल बना हुआ है।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
सफेदपोश से लेकर कारोबारी तक रडार पर
सूत्रों के मुताबिक वारदात के बाद कानपुर समेत अन्य कई शहरों व प्रदेशों के सफेदपेाश लोगों ने दहशतगर्द की मदद की। मध्यप्रदेश के एक नेता का भी नाम सामने आ रहा है। इसके अलावा वहां के एक बड़े शराब कारोबारी समेत कई व्यापारी रडार पर हैं। शराब कारोबारी के घर उसके रुकने की भी बात सामने आ रही है। यूपी एसटीएफ अब इन सवालों का जवाब भी विकास से कबुलवाएगी।
उज्जैन में मिली लखनऊ की कार, कई से पूछताछ
महाकाल परिसर से लखनऊ नंबर की एक ब्रीजा कार मिली है। पुलिस को आशंका है कि विकास दुबे इसी कार से यहां तक पहुंचा। कार लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी मनोज यादव की है। हालांकि मनोज व उनके परिवार वालों ने विकास से किसी भी तरह के संबंध होने से इंकार किया है। उनका कहना है कि मनोज एक दोस्त के साथ बुधवार को महाकाल के दर्शन करने गए थे। शक के आधार पर पुलिस पूछताछ कर रही है। भूमिका न होने पर उनको छोड़ा जाएगा।
उज्जैन में विकास दुबे गिरफ्तार किया गया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे लाया जाएगा। पनकी और इटावा में उसके दो खास गुर्गे मुठभेड़ में मारे गए हैं। आगे की कार्रवाई जारी है।- जय नारायण सिंह, एडीजी कानपुर जोन