फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vikas Dubey Arrested News: उज्जैन में विकास ने चलाया अपना शातिर दिमाग, बोला मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला, जानें ऐसा क्यों कहा

Thu, 09 Jul 2020 10:24 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
Vikas Dubey arrested in ujjain - फोटो : सोशल मीडिया
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के जिम्मेदार कुख्यात विकास दुबे को मध्य प्रदेश पुलिस ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया है। इस दौरान विकास दुबे को जब पुलिस मंदिर से बाहर लाई तो वह सड़क पर चिल्लाकर बोला कि मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला। इस दौरान उसको पकड़े खड़े पुलिस वाले ने एक थप्पड़ भी मारा।
जानिए आखिर विकास दुबे ने क्यों कहा कि 'मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला'
विज्ञापन

2 of 5
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार विकास दुबे को ये डर सता रहा है कि उसके गैंग के साथियों की तरह कहीं उसका भी खात्मा न हो जाए। इसीलिए शातिर अपराधी ने खुद को बचाने के लिए लोगों के सामने चिल्ला कर अपनी पहचान बताई कि वह विकास दुबे है।
विज्ञापन

3 of 5
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
बता दें कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। जिसके बाद से पुलिस विकास को उत्तर प्रदेश से जुड़े सभी प्रदेशों में ढूंढ रही थी।

4 of 5
विकास दुबे - फोटो : अमर उजाला
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास दुबे का नाम आया था। कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास दुबे पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
vikas dubey - फोटो : amar ujala
वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है। 2001 में कानपुर देहात के शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चैयरमेन, राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था। कोई गवाह न मिलने के कारण केस से बरी हो गया।  

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें