उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर के बाहर फूल बेचने वाले दुकानदार ने विकास को पहचान लिया था। विकास के मंदिर जाते ही दुकानदार ने सुपरवाइजर और अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी। सुरक्षाकर्मियों के अलावा अन्य कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक उस पर नजर रखी। सीसीटीवी कैमरे भी देखते रहे। जब उन्हें यकीन हो गया तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। इस दौरान उसने सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के साथ हाथापाई भी की।
विज्ञापन
2 of 5
गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
उज्जैन पुलिस के मुताबिक दुकानदार ने सोशल मीडिया, टीवी और अखबारों में विकास की फोटो देखी थी। उसे देखते ही पहचान गया और मंदिर प्रशासन को जानकारी दे दी। सुरक्षा गार्ड लखन ने सभी को सूचना देकर उसकी निगरानी शुरू कर दी। सुबह सात बजे से नौ बजे तक विकास दुबे मंदिर में रहा।
विज्ञापन
3 of 5
गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : ani
इस दौरान जब उसने पर्ची कटाई तो उसने नाम विकास दुबे बताया। तब इन सभी को यकीन हो गया कि ये कानपुर वाला ही विकास दुबे है। सूचना पर पहुंची महाकाल थाने की पुलिस से वह हाथापाई करने लगा। पुलिस वालों ने विकास के तमाचे भी जड़े और वहां से पकड़कर ले गए।
4 of 5
विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
तीन-चार साथियों के साथ था
मंदिर प्रशासन ने शक होने पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम से विकास पर निगरानी शुरू की। सूत्रों के मुताबिक विकास अपने तीन-चार साथियों के साथ था। मगर अन्य साथी एक-एक कर वहां से चले गए। आशंका है कि ये वही लोग हैं जिन्होंने इस तरह नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कराने में मदद की। मंदिर परिसर के बाहर के दुकानदार और सुरक्षाकर्मी की सूझबूझ बेहद काम आई।
मुझे शंका तो हुई पर यकीन नहीं हो रहा था
मंदिर में प्रसाद वितरण करने पहुंचे गोपाल सिंह ने बताया कि वो गुरुवार सुबह मंदिर में दर्शन करने के बाद प्रसाद वितरित करने को बैठे थे। तभी वहां एक शख्स आया, उसने कहा कि जूता स्टैंड पर बैग रख दूं? इस पर गोपाल ने कहा कि जी बिल्कुल। उसके बाद वो वहां से चला गया। जब कुछ देर बाद विकास पकड़ा गया तो गोपाल दंग रह गए। वो बोले कि उनको लगा था कि ये विकास जैसा है पर, यकीन नहीं हो रहा था।