बिकरू कांड में पुलिस ने जो तीन हजार से अधिक पेजों की चार्जशीट लगाई है, उसमें उज्जैन के महाकाल थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर की रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है। महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किए गए विकास से उज्जैन पुलिस ने दस बिंदुओं पर पूछताछ की थी। विकास दुबे आठ जुलाई को राजस्थान परिवहन निगम की बस से जयपुर से झालावाड़ पहुंचा।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
वहां से एक ट्रैवेल्स की बस से उज्जैन पहुंचा। टिकट झालावाड़ से इंदौर तक का था जो शुभम पाल के नाम से था। हालांकि मोबाइल नंबर विकास ने अपना ही दिया था। नौ जुलाई को उज्जैन में देवास गेट बस स्टैंड पर उतरकर ऑटो की। इसके बाद क्षिप्रा तट रामघाट पर ऑटो छोड़ दिया।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
क्षिप्रा नदी में स्नान करने के बाद पैदल मंदिर की ओर चल पड़ा। हमीद खां नाम के दलाल के माध्यम से होटल में रुकने की कोशिश की लेकिन आईडी न होने के कारण कमरा नहीं मिला। महाकाल मंदिर में भस्म आरती के बारे में गेट के सामने स्थित सुरेश कहार की फूल-प्रसाद की दुकान पर पूछताछ की।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
दुकान पर खड़े हरिगुरु व सुरेश को शक होने पर उन्होंने मंदिर के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड राहुल शर्मा को मोबाइल पर सूचना दी। मंदिर से दर्शन कर लौट रहे विकास को महाकाल चौकी पुलिस व सिक्योरिटी गार्ड ने पकड़ लिया। पूछताछ में विकास ने बताया कि उज्जैन में ठहरने, वाहन और दर्शन की व्यवस्था आनंद तिवारी ने की थी।
उज्जैन पुलिस को जानकारी करने पर पता चला कि विकास ने उज्जैन में रात्रिविश्राम नहीं किया और न ही कहीं रुका। अकेले ही बस से उज्जैन आया था। पुलिस के अनुसार विकास के पास से दो तोले की सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां व 8100 रुपये नगद बरामद हुए थे।