बिकरू कांड में जेल में बंद दरोगा केके शर्मा ने विभागीय कार्रवाई के तहत भेजे गए नोटिस के जवाब में जांच अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि जमानत पर छूटने के बाद बयान दर्ज करायेगा। अभी उसके पास दस्तावेज और साधन कम हैं। लिहाजा अभी बयान दर्ज कराना संभव नहीं है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
जांच अधिकारी ने अब विधिक राय मांगी है। बिकरू कांड में दहशतगर्दों के साथ चौबेपुर थाने के पूर्व एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा भी जेल में बंद हैं। दोनों निलंबित हैं। विभागीय जांच में दोनों दोषी पाए गए हैं।
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एसआईटी की संस्तुति पर दोनों के साथ पांच अन्य पुलिसकर्मियों पर वृहद दंड के तहत कार्रवाई जारी है। जिसमें बयान दर्ज करने के लिए एसपी साउथ दीपक भूकर ने सभी को नोटिस भेजा था। विनय तिवारी ने भी बयान नहीं दर्ज कराए हैं।
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विकास दुबे कांड
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आधा दर्जन और पुलिसकर्मी फंसे
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने खुफिया विभाग को 56 ऐसे पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी दी थी जो जय बाजपेई और विकास दुबे के बेहद करीबी थे और बेनामी संपत्ति बनाई है। सूत्रों के मुताबिक खुफिया विभाग ने छह पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर लिया है जिनके खिलाफ आरोपों के संबंध में साक्ष्य मिले हैं।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।