उत्तर प्रदेश के कानपुर समेत आसपास के शहरों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि यूपी के कानपुर समेत आसपास के शहरों में आने वाले 5 दिनों तक सर्दी का सितम जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज तथा यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहां लखनऊ, कानपुर समेत 29 जिलों में कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है। मौसम विभान की ओर से लगभग 15 जिलों में शीत लहर चलने का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में जाड़ा और बढ़ेगा। विभाग की मानें तो पांच दिनों तक घना कोहरा पड़ने के साथ ही कुछ इलाकों में शीतलहर चलेगी।
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कानपुर में ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
कड़ाके की सर्दी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण ठंड के कारण लोग घर में दुबकने पर मजबूर हैं। वहीं कई जिलों में कड़ाके की सर्दी को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग में परिवर्तन किया गया है। दिल्ली व कानपुर मंडल सहित उत्तरी मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों में दो और तीन जनवरी के बाद शीत लहर शुरू होने की संभावना है।
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कानपुर में ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में कहीं-कहीं पाला भी पड़ सकता है। इससे जाड़ा बढ़ने के साथ फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में फसलों की एक दो दिन पहले सिंचाई करना ठीक रहेगा।- डॉ.एसएन पांडेय मौसम विशेषज्ञ सीएसए
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमितेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अमितेश यादव ने बताया कि ठंड में बच्चों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। बच्चों में इन दिनों कॉमन कोल्ड यानी जुकाम और खांसी की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाए रखें। उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दें। बच्चों को संतुलित आहार दें। बच्चे के कमरे में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, जिससे वे प्रदूषण और धुएं से सुरक्षित रहें। सर्दियों में बच्चे की तेल मालिश जरूर करें। इसके लिए तेल को हल्का गुनगुना कर इस्तेमाल करें। कोई समस्या होने पर बिना डॉक्टर की सलाह लिए बच्चे को दवाई न दें।
इन बातों का रखें ध्यान
- पुराने रोगी, कोरोना से ठीक हुए लोग ठंड में बाहर न निकलें।
- नसों के रोगी गर्म कपड़ा लपेटकर शरीर को गर्म रखें।
- हाई ब्लड प्रेशर के रोगी जांच कराकर दवा की डोज दुरुस्त करा लें।
- ब्लड प्रेशर न बढ़ने दें, इससे ब्रेन और हार्टअटैक पड़ सकता है।
- दमा और अस्थमा के रोगी ठंड से बचें, दवा की डोज दुरुस्त कराएं।
- गर्म कमरे से अचानक बाहर ठंड में न निकलें।
- बाहर जाना हो तो पहले सामान्य तापमान में रुकें।
- छोटे बच्चों को गर्म कपड़े से ढंके रहें, माताएं शिशुओं को कंगारू केयर दें।