यूपी इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन तीसरे यूपी अप्रवासी दिवस समारोह का आयोजन होगा। प्रदेश सरकार इस मौके पर प्रदेश मूल के 10 अप्रवासी भारतीयों को यूपी अप्रवासी भारतीय रत्न अवार्ड-2018 (यूपीएनआरआई अवार्ड) से नवाजेगी। मूल रूप से कानपुर निवासी डॉ संहिता अग्निहोत्री और फर्रुखाबाद के डॉ अंकित सरीन समेत 10 अप्रवासियों का चयन किया गया है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ, अंकित सरीन और संहिता अग्निहोत्री
प्रदेश सरकार पिछले दो वर्ष से यूपी अप्रवासी भारतीय रत्न अवार्ड देती है। 21-22 फरवरी को आयोजित यूपी इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन एक सत्र अप्रवासी भारतीयों के लिए रखा गया है। तीसरा यूपी एनआरआई अवार्ड इसी सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मौजूदगी में दिए जाने का प्रस्ताव है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने इस पुरस्कार के लिए जिन 10 अप्रवासियों का चयन किया है उनमें छह पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं।
यूपी अप्रवासी भारतीय रत्न सम्मान के अंतर्गत सम्मान स्वरूप एक सम्मान पत्र दिया जाता है। इसमें सम्मानित हो रहे लोगों की उपलब्धियों का संक्षिप्त ब्यौरा होगा। सरकार इनके आने-जाने का बिजनेस क्लास का हवाई किराया देती है और ठहरने का बंदोबस्त करती है।
ये होंगे पुरस्कृत
डा. संहिता अग्निहोत्री : आर्य नगर कानपुर की रहने वाली हैं। लिंक्लोनवुड आईएल अमेरिका में कारोबार है।
अंकित सरीन : फर्रुखाबाद के मूल निवासी हैं। कैलीफोर्निया अमेरिका में रहते हैं। सर्जन हैं।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
अरुण श्रीवास्तव : लखनऊ मूल के हैं। अमेरिका में रहते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
ज्ञानेश्वर आनंद : इंदिरा नगर लखनऊ के रहने वाले हैं। वर्तमान में ग्रीस में रहते हैं। नौकरी पेशे से हैं।
तरुण पांडेय : रसूलाबाद इलाहाबाद के रहने वाले हैं। इस समय अरकंसास अमेरिका में रहते हैं। फिजिशीयन हैं।
मधुलिका मोहन : रुड़की रोड मेरठ के रहने वाले हैं। वर्तमान में लियॉवनिंग चीन में रहते हैं। नौकरी में हैं।
डा. संजय मेहरोत्रा : नरिया वाराणसी के रहने वाले हैं। इस समय टोकियो, जापान में रहते हैं। मैनेजमेंट के प्रोफेसर हैं।
दिव्या तुली : सुल्तानपुर रोड लखनऊ की रहने वाली हैं। इंग्लैंड में रह रही हैं। लेखिका हैं।
रवि राय : बड़हलगंज गोरखपुर के रहने वाले हैं। सिंगापुर में रहते हैं। इंजीनियर हैं और सोशल वर्क का काम है।
पंडित ज्ञान प्रकाश उपाध्याय : अमर गढ़ प्रतापगढ़ के मूल निवासी हैं। अमेरिका में पुजारी और सामाजिक सेवा का कार्य करते हैं।
यूपी अप्रवासी भारतीय रत्न पुरस्कार के लिए यूपी मूल के अप्रवासी भारतीयों से 15 जनवरी तक आवेदन मांगे गए थे। आवेदन ऑनलाइन लिए गए। तय समयसीमा में 30 आवेदन आए। इसके बाद भी तीन आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा दो आवेदन ऑफलाइन प्राप्त हुए। सूत्रों ने बताया कि एनआरआई विभाग ने ऑनलाइन आवेदन पत्रों में से 16 नामों को शार्टलिस्ट कर 10 लोगों को सम्मानित करने के लिए चयनित करने करने का प्रस्ताव शासन को किया था। शासन ने शार्टलिस्ट नामों में से पुरस्कृत होने वालों का नाम फाइनल कर सम्मानित लोगों को सूचित करने का निर्देश दे दिया है।
‘‘यूपी अप्रवासी भारतीय रत्न पुरस्कार के लिए यूपी मूल के अलग-अलग देश व अलग-अलग सेक्टर में काम करने वालों को चयनित किया गया है। इन लोगों ने विदेश में रहते हुए काफी कुछ किया है। सरकार इनके साथ मिलकर आगे भी काम करेगी। सम्मानित होने वालों का नाम फाइनल कर दिया गया है। विभाग इन्हें सूचित कर आमंत्रित करने की कार्यवाही कर रहा है।’’
- स्वाती सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एनआरआई