आग लगने के वक्त कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट का फायर अलार्म सिस्टम फेल हो गया। धुआं भरने लगा और सांस में दिक्कत हुई तब पता चला कि कहीं आग लगी है। इसके साथ ही हाइड्रेंट सिस्टम भी फेल था। उससे एक बूंद पानी नहीं निकला।
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कार्डियोलॉजी अस्पताल के आईसीयू में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
अफसरों के साथ बैठक के बाद प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य आलोक कुमार ने बताया कि इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 30 मार्च से प्रभावित वार्ड सामान्य रूप से चालू हो जाएंगे। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
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कानपुर: कार्डियोलॉजी के आईसीयू में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद बताया कि फायर अलार्म सिस्टम क्यों काम नहीं किया? हाइड्रेंट सिस्टम क्यों चालू नहीं हुआ जबकि कार्डियोलॉजी प्रबंधन ने कई बार संबंधित एजेंसी को पत्र भी लिखा। टैंक में पानी नहीं है, यह देखने की बात है।
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कानपुर: कार्डियोलॉजी के आईसीयू में लगी आग
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उन्होंने रोगियों को आईसीसीयू से बाहर निकालने में स्टाफ और डॉक्टरों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह पुराना भवन है। इसकी क्षमता 40 बेड की थी, अभी इसमें 140 रोगी थे। बताया कि अब खिसकाने वाले शीशे, खिड़कियां लगाई जाएंगी।
कानपुर: कार्डियोलॉजी के आईसीयू में लगी आग
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पुराने शीशों ने चिमनी की तरह काम किया और धुआं ऊपर भेजा। उन्होंने बताया कि घटना से कोई मौत नहीं हुई है। इलेक्ट्रिकल सेफ्टी का मुद्दा भी सामने आया है। इसकी रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर एलबी गुप्ता कर रहे हैं। कार्डियोलॉजी का एक असेसमेंट कराया जाएगा।