यह सच है की बहुत जल्द यूपी अब विदेशी देशों की छुट्टी कर देगा। लेकिन दूसरा सत्य यह भी है कि ये बात बहुत कम लोगों के गले उतरेगी। इसलिए अपनी सभी आशंकाओं को दूर करने के लिए एक बार यह खबर अवश्य पढ़ें। फिर यकीनन आपका शक दूर हो जाएगा....
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जानकारी के लिए बता दें यूपी ने विदेशी देशों को पछाड़ने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल, प्रदेश में एक बड़ा व्यवस्था बदलाव होने जा रहा है जिसके बलबूते यह सपना साकार होगा। जानिए कैसे है ये बदलाव...
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पहले आप जब भी पुलिस को 100 नंबर पर कॉल करके बुलाते थे तो खाली पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंचती थी लेकिन अब जो होगा वो आप शायद देखकर चौंक पड़ेंगे और फिर आप शायद खुद कह दें कि ये तो...
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फिर आप शायद खुद कह देंगे कि ये तो किसी विदेशी फिल्म के सीन जैसा है जिसमें 100 नंबर की गाड़ी के साथ-साथ इतनी सारी गाड़ियां आती हैं। दरअसल अब यूपी में मुसीबत के दौरान आपको 100 नंबर डायल करने पर ही पुलिस के साथ एंबुलेंस की सुविधा भी मिलेगी।
इसके लिए आपको 102 और 108 डायल करने की जरूरत नहीं होगी। ये गाड़ियां अब खुद-ब-खुद पुलिस की गाड़ी के साथ घटनास्थल पर पहुंचेगी।
जल्द ही यह सुविधा उत्तर प्रदेश में लांच होने वाली है।
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जानिए कैसे होगा ऐसा
यह जानकारी एडीजी पुलिस इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी इनैबल्ड सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (आईटीईसीसीएस) एंड ट्रैफिक अनिल अग्रवाल ने दी। वह गुरुवार को आईआईटी कानपुर में यूपी 100 पुलिस सेवा की वर्किंग पैटर्न बता रहे थे। उन्होंने बताया कि इसके लिए 100 डायल 102 और 108 एंबुलेंस सेवा से सीधे कोआर्डिनेट करेगी और जहां भी जरूरत होगी उसे मौके पर भेजा जाएगा। इस दौरान उन्होंने आईआईटीयंस से यूपी-100 सेवा को अपग्रेड करने के लिए मदद मांगी। इस संबंध में जल्द ही यूपी-100 को अपग्रेड करने के लिए आईआईटी और यूपी-100 के बीच एमओयू साइन होगा।
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धर्म के आधार पर तैयार होगा क्राइम रिपोर्ट
एडीजी ने अपने प्रजेंटेशन के दौरान आईआईटी के एक्सपर्ट से हिंदू कैंलेडर की मांग की। उन्होंने बताया कि हिंदू कैलेंडर में दर्ज त्योहारों के आधार पर क्राइम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उदाहरण के लिए 2017 में होली के दिन कितने और किस तरह के क्राइम सबसे ज्यादा हुए थे। यह रिपोर्ट अगले वर्ष यानी 2018 में होली के दिन हुए क्राइम ग्राफ से टैली किया जाएगा। इसके जरिए पुलिस यह आंकड़ा हासिल करने की कोशिश करेगी कि त्योहारों के दिन किस तरह की, किस समय पर और किस जगह क्राइम हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिंदू कैलेंडर मिलना मुश्किल है, बाकि इस्लामिक कैलेंडर उन्हें प्राप्त हो गया है।
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ब्लैंक कॉल से परेशान है यूपी-100 की टीम
एडीजी अनिल अग्रवाल ने बताया कि यूपी-100 सेवा के सामने सबसे बड़ी चुनौति के रूप में ब्लैंक कॉल है। प्रतिदिन यूपी-100 पर आने वाले 90 प्रतिशत कॉल ब्लैंक होते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि आज तक पुलिस इसे ट्रेस नहीं कर पाई कि यह कॉल कौन करता है, क्योंकि कई बार यह कॉल किसी नंबर से नहीं बल्कि अल्फाबेट के जरिए आता है। उन्होंने इस समस्या को दूर करने के लिए आईआईटी के एक्सपर्ट से मदद मांगी।
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इन प्वाइंट्स पर मांगी मदद
- साइबर सिक्योरिटी
- ब्लैंक कॉल (प्री और पोस्ट आईयूआरएस)
- हिंदू कैलेंडर डेट पिकर
- ऑटीमाइजेशन
- प्रिडिक्टीव पैट्रोलिंग बेस्ड ऑन इवेंट
- जीआईएस (लोकेटिंग विक्टिम्स और एड्रेस लोकलाइजेशन इन हिंदी)
- क्राइम ट्रेंड, पैटर्न और दो क्राइम के बीच की समानता
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पब्लिक की होती है अटपटी समस्याएं
एडीजी ने बताया कि यूपी-100 पर कॉल करने वाली 96.4 प्रतिशत कॉल बेहद सामान्य घटनाओं के लिए होती हैं। इसमें कॉल करने वाले की डिमांड बेहद अटपटी होती है। कोई घर के सामने कूड़ा फेंकने की शिकायत करता है तो कोई डीजे बंद कराने के लिए। सास-बहू के झगड़े, पति-पत्नी के झगड़े, बच्चों के झगड़े जैसे मामले आते हैं।
घरेलू विवाद में सबसे ज्यादा बुजुर्ग का उत्पीड़न
यूपी-100 की रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार छोटे-मोटे विवाद के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कॉल घरेलू विवाद को लेकर आती हैं। 20 नंवबर 2016 से लेकर सात अप्रैल 2017 तक कुल 1,36,957 कॉल घरेलू विवाद से जुड़े थे। इसमें सबसे ज्यादा 45,759 ऐसी शिकायतें थीं जिसमें बच्चों पर अपने ही माता-पिता व घर के बुजुर्ग को प्रताड़ित करने, उन्हें मारने पीटने की शिकायतें रहीं। इसके बाद पति द्वारा पत्नी को प्रताड़ित करने, बच्चों को प्रताड़ित करने की घटनाएं सामने आती हैं। 462 मामले ऐसे भी थे जिसमें पत्नी पर पति को पीटने का आरोप लगा है।