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प्रेमिका के लिए छात्र बना लुटेरा: एक दिन पहले बैंक की रेकी, अगली सुबह वारदात; पुलिस ने लुटेरे से पूछे ये सवाल

Mon, 20 Jan 2025 03:03 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

आरोपी लवीश ने बताया कि उसने बैंक पहुंचते ही गार्ड को मारने की योजना बना रखी थी। सोचा था कि गार्ड को मारते ही सभी बैंककर्मी डर जाएंगे और पैसा उसके हवाले कर देंगे। इसी के चलते बैंक में घुसते ही सबसे पहले गार्ड पर हमला किया, लेकिन गार्ड से भिड़ते ही मैनेजर और कैशियर के आ जाने से वह पकड़ा गया। 
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बैंक में लूट की कोशिश - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के घाटमपुर में लूट करने से पहले लुटेरे लवीश ने एक दिन पहले बैंक की रेकी की थी। पूछताछ में उसने बताया कि शनिवार को लूट करने से एक दिन पहले शुक्रवार को उसने बैंक जाकर पूरा जायजा लिया था। उसने देखा था कि गार्ड और अन्य कर्मचारी कहां बैठते हैं। सब कुछ देखने के बाद वह लौट गया था। इसके बाद शनिवार की सुबह बैंक खुलने के कुछ देर बाद ही वह वारदात को अंजाम देने हथियारों के साथ पहुंच गया। 

 
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लूट की कोशिश - फोटो : amar ujala
जाते ही गार्ड को मारने की बनाई थी योजना 
आरोपी लवीश ने बताया कि उसने बैंक पहुंचते ही गार्ड को मारने की योजना बना रखी थी। सोचा था कि गार्ड को मारते ही सभी बैंककर्मी डर जाएंगे और पैसा उसके हवाले कर देंगे। इसी के चलते बैंक में घुसते ही सबसे पहले गार्ड पर हमला किया, लेकिन गार्ड से भिड़ते ही मैनेजर और कैशियर के आ जाने से वह पकड़ा गया। 
 
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लूट की कोशिश - फोटो : amar ujala
कानपुर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की घाटमपुर कस्बा शाखा के मैनेजर, कैशियर और गार्ड ने मिलकर बैंक लूटने आए नकाबपोश को पकड़ लिया। वारदात को अंजाम देने के लिए साइकिल से पहुंचे नकाबपोश ने तीनों पर धारदार हथियारों से वार कर उन्हें घायल कर दिया। हालांकि जख्मी होने के बाद भी तीनों ने लुटेरे को धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़ा गया आरोपी पतारा के संचितपुर गांव का रहने वाला है और बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है। आरोपी के पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ है।

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लूट की कोशिश - फोटो : amar ujala
बैंक की कस्बा शाखा के प्रबंधक वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रोज की तरह शनिवार सुबह बैंक खुली और वह कैशियर प्राणनाथ शुक्ला, हनुमंत विहार के गल्लामंडी निवासी सिक्योरिटी गार्ड सुनील कुमार व महिला कर्मचारी सपना कुमारी के साथ रोजाना के कामकाज में लग गए। करीब 10:45 बजे चेहरे पर मास्क लगाकर एक बैंक में दाखिल हुआ और चाकू से गार्ड के चेहरे और गर्दन पर वार कर दिया। गार्ड से युवक को भिड़ता देख शाखा प्रबंधक वीरेंद्र और कैशियर प्राणनाथ शुक्ला ने युवक को पकड़ने का प्रयास किया। 
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लूट की कोशिश - फोटो : amar ujala
इस दौरान उनपर भी हमलावर ने हमला कर जख्मी कर दिया। हालांकि घायल होने के बाद भी तीनों ने हिम्मत नहीं हारी। करीब आधे घंटे तक चली भिड़ंत के बाद एक साथ हमलावर पर टूट पड़े और रस्सी से बांधने के बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना पर फोर्स और फॉरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंचे डीसीपी साउथ आशीष श्रीवास्तव, एसीपी घाटमपुर रंजित कुमार ने आरोपी को पकड़ लिया। घायल बैंक कर्मियों को सीएचसी पहुंचाया जहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल गार्ड व लुटेरे को हैलट रेफर कर दिया। 
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लूट की कोशिश - फोटो : amar ujala
घायल अस्पताल में भर्ती
वहीं, बैंक मैनेजर और कैशियर को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लुटेरे की पहचान पतारा के संचितपुर निवासी किसान अवधेश मिश्रा के बेटे लवीश मिश्रा के रूप में हुई है। वह वर्तमान में तिवारी होटल के पास धर्मपुर बंबा में रहता है। घटनास्थलों के आसपास मोबाइल की गतिविधि से पुलिस आरोपियों को चिह्नित कर लेती है, इसलिए लूट की वारदात के लिए जाते समय मोबाइल घर में ही रख दिया। गांव के लोगों का कहना था कि लवीश सिरफिरा है। वह ज्यादा समय मोबाइल में रील्स देखकर बिताता था। साथ ही वह किसी से ज्यादा घुलमिल कर नहीं रहता था। 
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लूट की कोशिश - फोटो : amar ujala
पूछताछ के दौरान पुलिस ने पूछे ये सवाल
पुलिसः तुमने बैंक लूटने की कोशिश क्यों की।
आरोपीः मुझे रुपये की जरूरत थी, इसलिए... इतना बोलने के बाद चुप हो जाता है।
पुलिसः रुपये की जरूरत क्यों थी, कोई वजह।
आरोपीः मुझे इनोवा खरीदनी थी, लेकिन मेरे पास रुपये नहीं थे।
पुलिसः इनोवा का क्या करना था।
आरोपीः कुछ दिन पहले प्रेमिका के साथ घूमने गया था। तब प्रेमिका ने कहा था कि अगर इनोवा होती तो हम लोग इनोवा से घूमते।
पुलिसः कोई और काम भी तो कर सकते थे, तुम पढ़े-लिखे हो।
आरोपीः प्रेमिका एक सप्ताह से इसी बात को लेकर नाराज थी। बात नहीं कर रही थी। घर से रुपये के लिए मना कर दिया था।
पुलिसः प्रेमिका से मना भी कर सकते थे।
आरोपीः सर! हम लोग सच्चा प्यार करते थे। ऐसे में मैं उसका मन किस तरह से मार सकता था। उसकी मांग तो पूरी करनी ही थी।
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लुटेरे से भिड़ने पर घायल हुए बैंक मैनेजर - फोटो : अमर उजाला
पुलिसः तुम्हारे साथ बैंक लूटने में कौन कौन शामिल रहा।
आरोपीः मैं था, फिर कुछ नहीं बोला।
पुलिसः बैंक लूटने की योजना मन में कैसे आई।
आरोपीः रुपये की जरूरत थी, इसलिए हमें लगा कि यहां से मेरी जरूरत पूरी हो जाएगी और प्रेमिका से शादी हो जाएगी।
पुलिसः तुम्हारी गर्लफ्रेंड का नाम क्या है।
आरोपीः (मुस्कुराता हुआ) इतना मूर्ख नहीं हूं कि नाम बता दूं और आप उसे जेल भेज दो।
पुलिसः गर्लफ्रेंड ने कोई डिमांड की थी क्या।
आरोपीः बता तो दिया है, बार-बार एक ही सवाल का उत्तर कई बार देना जरूरी नहीं समझता।

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