यूपी बोर्ड परीक्षा सिर पर हैं, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्थाओं की भरमार है। कहीं क्षमता से अधिक छात्र छात्राओं को सेंटर में पंजीकृत कर दिया है, कहीं घुप्प अंधेरे कमरे वाले स्कूलों को केंद्र बना दिया है।
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परीक्षा देने आएं, मोमबत्ती साथ में लाएं
डेमो
बोर्ड परीक्षा सिर पर हैं, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्थाओं की भरमार है। कहीं क्षमता से अधिक छात्र छात्राओं को सेंटर में पंजीकृत कर दिया है, कहीं घुप्प अंधेरे कमरे वाले स्कूलों को केंद्र बना दिया है। परीक्षा केंद्रों में सारी सुविधाएं दुरुस्त कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने केंद्र व्यवस्थापकों व प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर खानापूर्ति कर ली है। विभागीय स्तर से कोई शिकंजा न कसे जाने के कारण कालेज संचालक बेलगाम होकर मनमानी पर उतारू हैं। कुछ सेंटर पर पड़ताली की गई।
क्लास के बरामदे में उग आया पीपल का पेड़
स्कूल की इमारत का हाल, यहां होगा बोर्ड एग्जाम
फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज ब्लाक क्षेत्र के जरारी गांव स्थित जवाहरलाल नेहरू इंटर कालेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां खेत की साइड में बने कक्षों की खिड़कियां अब तक खुली पड़ी हैं। चारों तरफ बाउंड्रीवाल भी नहीं है। खिड़कियों में केवल सरियां ही लगे हैं। बंद करने के लिए लकड़ी के पल्ले नहीं है। फर्श भी कच्चा व ऊबड़खाबड़ है। कमरों की छत पर लेंटर के बजाय टीनशेड है। यह भी टूटा पड़ा है। बरामदे में पीपल का पेड़ है। इसके बावजूद उसे परीक्षा कक्ष में गिन दिया गया है। फर्नीचर भी अस्त-व्यस्त हालत में पड़ा है।
उनसे 600 बच्चों को परीक्षा दिलाने के लिए व्यवस्था करने को कहा गया था। लेकिन बाद में 800 परीक्षार्थियों का सेंटर बना दिया गया। परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ जाने से दिक्कत हो रही है। जो साधन-संसाधन हैं, उसी में परीक्षा कराएंगे। थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर पीएसी तैनात कराने की मांग की है। उनके केंद्र पर पहले नकल कराने वाले बवाल कर चुके हैं।
नकलचियों के खिड़कियों तक पहुंचने का रास्ता खुला
स्कूलों में बिजली की कोई व्यवस्था नहीं
नगलादाउद गांव के मौलाना आजाद इंटरकालेज में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। बाउंड्रीवाल का भी अता-पता नहीं है। खेतों व बागों से स्कूल की खिड़कियों तक पहुंचने का रास्ता खुला है। पूछने पर प्रबंधक खालिद ने कहा कि गुरुवार से खिड़कियों में ईंटें चुनवाकर उन्हें बंद करने का काम शुरू कराएंगे। बिजली कनेक्शन नहीं है। ऐसे में वह जनरेटर का इंतजाम कर रोशनी का इंतजाम करेंगे। यहां 500 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।
कसबे के रामलीला मैदान के सामने स्थित श्रीफीरोजगांधी जनता इंटर कॉलेज में ज्यादातर खिड़कियों के पल्ले टूटे हैं। सरिया तो हैं पर लकड़ी के पल्ले बंद न होने से हाथ आर-पार चला जाता है। वहीं स्कूल के पिछले हिस्से में पेड़ लगाए गए हैं। यहां 450 बच्चे परीक्षा देंगे। प्रधानाचार्य सत्यप्रकाश सिंह का कहना है कि परीक्षा से पहले खिड़की ठीक करा देंगे। यह विद्यालय पहले भी यूपी बोर्ड परीक्षा में सेंटर रह चुका है। इसलिए इस बार भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा तक सब ठीक करा देंगे।