उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को 15 घंटे बाद दफनाया गया। दुष्कर्म पीड़िता के शव को दफनाने के बाद बहन बोली अगर एक सप्ताह के अंदर सभी मांगाें को पूरा नहीं किया गया तो सीएम आवास के सामने आत्मदाह करूंगी। पहले परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े थे, बाद में कमिश्नर व आईजी ने मांगों को लेकर आश्वस्त किया तब जाकर वो शांत हुए और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
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उन्नाव कांड से पूरे देश में आक्रोश
- फोटो : अमर उजाला
आखिरकार प्रशासन काफी जद्दोजहद और तनावपूर्ण माहौल में 15 घंटे बाद दुष्कर्म पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार रविवार की दोपहर 1 बजे करा पाया। परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े थे। बाद में मृतका के पिता व अन्य घर के लोगों को समझाने कमिश्नर व आईजी पहुंचे। आधे घंटे तक कमरे में बातचीत की। इसके बाद जब कमिश्नर ने आवास, उचित नौकरी, भाई को शस्त्र लाइसेंस और पांचों आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आश्वस्त किया।
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बेटी को दफनाने के बाद पिता
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मुख्यमंत्री से भी मिलवाने का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। दोपहर 1 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता के शव को उसके ही खेत में दफनाया गया। पीड़िता की बहन बोली अगर सभी मांगों को सात दिन में पूरा नहीं किया तो सीएम आवास के सामने आत्मदाह करेंगे। अंतिम संस्कार में प्रदेश सरकार के दो मंत्री भी पहुंचे और श्रद्धाजंलि दी। 5 दिसंबर को आग से जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार रात 11.40 बजे इलाज के दौरान नई दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में आखिरी सांसें ली थीं।
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अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद आयुक्त, आईजी
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शनिवार रात 9.40 बजे एंबुलेंस से उसका शव गांव लाया गया था। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया था। हालांकि रात ज्यादा होने और मृतका की बड़ी बहन के बाहर होने के कारण परिजनों ने उसके आने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। रविवार सुबह 10 बजे के करीब बहन घर पहुंची। इसके बाद परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने पर अड़ गए। कहा कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं आएंगे तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।
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पीड़िता को दफनाने के दौरान मौजूद लोग
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इसकी जानकारी होने पर कमिश्नर मुकेश मेश्राम, आईजी एसके भगत व जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय परिजनों से मिलने घर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतका के पिता, भाई व बहन से बातचीत की। करीब आधे घंटे तक अधिकारी परिजनों को समझाते रहे। इसके बाद कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने पिता व भाई को दो पक्के आवास, भाई को आवेदन करने पर शस्त्र लाइसेंस, छोटी बहन की सुरक्षा के लिए महिला कांस्टेबिल लगाने, पढ़ाई की योग्यता के अनुसार उचित नौकरी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की लगातार सुनवाई कराकर पांचों आरोपियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई कराने का लिखित आश्वासन दिया।
उन्नाव दुष्कर्म कांड में जेल भेजे गए पांच आरोपी (फाइल फोटो)
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साथ ही जब कमिश्नर ने अगले एक, दो दिन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाने की भी बात कही तब परिजन शव का अंतिम संस्कार कराने को राजी हुए। फिर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच शव को घर से 200 मीटर दूर स्थित खेत तक पहुंचाया। जहां दादी बाबा को दफनाया गया वहीं गड्ढा खुदवाकर शव को उसमें दफनाया गया। श्रम, सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और प्राविधिक शिक्षा व जिले की प्रभारी मंत्री कमलरानी वरुण भी शव यात्रा में शामिल हुईं और श्रद्धांजलि दी।