बेटी के शव को कब्र में रखते पिता और भाई मिट्टी डाल फफक फफक कर रो पड़े।उन्हें देख वहां मौजूद दोनों मंत्री, कमिश्नर, डीएम सहित अन्य अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं। दुष्कर्म पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार रविवार की दोपहर 1 बजे कराया गया। भाई ने जब डोली की जगह बहन की अर्थी उठाई तो फफक कर रो उठा। बोला वो जीना चाहती थी लेकिन उसे मौत नसीब हुई। ये देख वहां मौजूद हर आंख से आंसू छलक उठा। गांव से एक किमी दूर खेत में दादी व बाबा की कब्र के पास ही दुष्कर्म पीड़िता के शव को भी दफनाया गया।
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दुष्कर्म पीड़िता के पिता बेटी को दफना फफक फफक कर रोए
- फोटो : अमर उजाला
पहले परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े थे। बाद में मृतका के पिता व अन्य घर के लोगों को समझाने कमिशभनर व आईजी पहुंचे। आधे घंटे तक कमरे में बातचीत की। इसके बाद जब कमिशभनर ने आवास, उचित नौकरी, भाई को शस्त्र लाइसेंस और पांचों आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आश्वस्त किया और मुख्यमंत्री से भी मिलवाने का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। दोपहर 1 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता के शव को उसके ही खेत में दफनाया गयाी।
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दुष्कर्म पीड़िता के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने अंतिम संस्कार के बाद कमिश्नर से फिर अपनी मांग दोहराई। कहा कि जिन लोगों ने उसपर अत्याचार किए। उसे जला दिया। उन्हें फांसी की सजा हो या फिर पुलिस हैदराबाद की तरह गोली मार दे। कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने पिता को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की गहनतम और निष्पक्ष जांच होगी। किसी भी दोषी को बख्शा नही जाएगा।
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बेटी की कब्र के किनारे रोते हुए पिता
- फोटो : अमर उजाला
भाई ने कहा इंसाफ की लड़ाई में गई बहन की जान
मृतका के बड़े भाई ने बताया कि उसकी बहन बहुत बहादुर थी। वह अपने लिए इंसाफ की लड़ाई खुद ही लड़ रही थी। खेती और लोहा पीटकर हुई कमाई से पढ़ाया लिखाया। वह सरकारी नौकरी की तलाश में थी। भाई यह कहते फफक पड़ा कि बहन कहती थी कि भइया जब वह नौकरी करने लगेगी तो पक्का घर बनवाएगी। भाई ने बताया कि स्नातक की पढ़ाई कर चुकी सबसे छोटी बहन को नौकरी देने की सरकार से मांग की है। अधिकारियों की तरफ से आश्वासन भी मिला है।
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छावनी में तब्दील हुआ दुष्कर्म पीड़िता का गांव
- फोटो : अमर उजाला
सपा नेताओं की मौजूदगी से अलर्ट रहा प्रशासन
पीड़िता के अंतिम संस्कार के बाद भी प्रशासन इस बात को लेकर काफी सतर्क रहा कि कहीं विपक्षी दल के लोगों के इशारे पर मृतका के परिवारवाले फिर कोई नई मांग न रख दें। अंतिम संस्कार के करीब दो घंटे बाद कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसपी एकबार फिर पीड़िता के घर पहुंचे और भाई से अकेले में बात की। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात है।
दुष्कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार कराने जाते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वापस जाने से पहले अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से की एकांत में बात
बिहार थाना क्षेत्र में आग से जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार होने के बाद देर शाम एक बार फिर कमिश्नर मुकेश मेश्राम, आईजी एसके भगत, डीएम, एसपी व अन्य अधिकारियों ने मृतका के घर पहुंचकर परिवार के लोगों से करीब बीस मिनट तक एकांत में बात की। अधिकारियों ने पीड़िता के परिजनों को आश्वस्त करने का पूरा प्रयास किया। कहा कि बिल्कुल न डरें। सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि कोई भी समस्या आए तो फोन करके बताएं, तुरंत उसे हल किया जाएगा। इस दौरान अधिकारियों ने परिवार के लोगों को अपने मोबाइल नंबर भी दिए।