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भाजपा विधायक के इशारे पर साजिशन खेला जा रहा है खूनी खेल, बोल फूट-फूट कर रोने लगा पीड़िता का मामा

Wed, 31 Jul 2019 03:47 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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कुलदीप सिंह सेंगर (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
उन्नाव स्थित दुष्कर्म पीड़िता का गांव छावनी में तब्दील हो गया है। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है। हर ओर सिर्फ पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है। इस बीच गांव पहुंची पीड़िता की नानी के अंदर दहशत साफ दिखी। मीडिया के सवालों पर वह कुछ भी बोलने से कतराती रही। पीड़िता के मामा ने हिम्मत जुटाते हुए कहा कि, हंसते खेलते परिवार को विधायक ने तबाह कर दिया।

 
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दुष्कर्म पीड़िता के गांव में पसरा सन्नाटा एवं - फोटो : अमर उजाला
विधायक के इशारे पर खेला खूनी खेल खेला जा रहा है। पहले पीड़िता के पिता की जान ली, अब जेल से बाहर आने और मामले को दफन करने के लिए साजिशन खूनी खेल को अंजाम दे डाला। सदमे में पीड़िता की दादी की भी जान चली गई। अब खुद पीड़िता और उसका वकील जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी की चाची और मौसी के शवों का मंगलवार को भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका।

 
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दुष्कर्म पीड़िता के गांव के बाहर तैनात फोर्स - फोटो : अमर उजाला
गांव के लोग शव आने का इंतजार करते रहे। चाचा की पैरोल की मंजूरी बुधवार को होने से ग्रामीणों की बेचैनी कम हुई। उधर राजनीतिक हलचल को देखते हुए दूसरे दिन भी थाने से गांव तक भारी फोर्स तैनात रहा। रविवार को रायबरेली के गुरुबख्शगंज में हुए रहस्यमय हादसे में दुष्कर्म पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी।

 

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छावनी में तब्दील हो गया दुष्कर्म पीड़िता का घर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जद्दोजहद के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम तो करा दिया पर अंतिम संस्कार के लिए घर में किसी अन्य पुरुष के न होने से रायबरेली जेल में बंद उसके चाचा को ही अंतिम संस्कार करना था। सोमवार से ही चाचा के पैरोल की मांग शुरू हुई। डीएम ने पैरोल की स्वीकृति को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया तो हाईकोर्ट में पैरोल की अर्जी लगाई गई।

 
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कुलदीप सेंगर - फोटो : सोशल मीडिया
मंगलवार को पैरोल मिलने की संभावना पर सुबह से ही गांव के लोग शवों के आने से इंतजार में थे। सुबह ही पीड़िता की नानी व मामा उसके घर पहुंचे। गांव की हर गली सन्नाटे को चीरती नजर आई। घर पर भारी फोर्स देख नानी और मामा सहम गए। मामला विधायक से जुड़ा होने पर गांव का कोई भी सदस्य सामने आने को तैयार नहीं है। मंगलवार को भी इसी दहशत में गांव के लोग घरों में रहे या फिर अपने खेत व अन्य कामों में व्यस्त रहे।

 
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दुष्कर्म पीड़िता की कार में टक्कर मारने वाला ट्रक - फोटो : अमर उजाला
गांव के हर गली नुक्कड़ पर सन्नाटा पसरा दिखा। दोपहर करीब एक बजे स्कूल में छुट्टी के बाद बच्चे घर के लिए निकले तो रोज की तरह घर पहुंचने की जल्दी में भागदौड़ और आपसी खींचतान नहीं दिखी। गांव में पुलिस की चहलकदमी और बड़े बुजुर्गों की चुप्पी का असर बच्चों में भी दिखा। स्कूल से चुपचाप घर की तरफ जाते बच्चे सहमे नजर आए।
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