कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म के बाद छात्रा के खुदकुशी करने से लोगों में गम है। साथ ही पुलिस के प्रति गुस्सा भी देखने को मिला। रविवार की सुबह पीड़िता के घर पर जुटे ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ता देख एसपी अनुराग वत्स खुद वहां पहुंचे। पीड़िता के परिजनों से बंद कमरेे में बातचीत की। एसपी के न्याय का आश्वासन के बाद पीड़िता का गम और गुस्से के बीच खेरेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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बच्चों ने निकाला कैंडल मार्च
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि मामले में फरार तीसरा आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। रूरा के एक गांव में रहने वाले संविदा सफाई कर्मी की कक्षा आठ में पढ़ने वाली बेटी 13 नवंबर को लापता हो गई थी। सफाई कर्मी ने 16 नवंबर को गांव के ही सन्नी, उसके चाचा लाला और रिंकू के खिलाफ अपहरण की की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज की। 16 नवंबर की शाम घर लौटने पर छात्रा ने परिजनों को आप बीती सुनाई थी।
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लोगों में बढ़ा गुस्सा तो पीड़िता के घर जांच के लिए पहुंचे एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद थाने पहुंचकर छात्रा ने खुद के साथ हुई दरिंदगी की पूरी दास्तां पुलिस को सुनाई थी। फिर भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया और कागज्री खानापूरी में लगी। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान की कॉपी मिलने के बाद करीब 10 दिन बाद यानी 2 दिसंबर को पुलिस ने एफआईआर में सामूहिक दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट की धारा बढ़ार्ई। इसके बाद भी आरोपियों की गिर्रफ्तारी नहीं हुई।
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पीड़िता के घर पहुंची भाजपा नेता
- फोटो : अमर उजाला
इधर, लोगों के तानों और आरोपियों के खुलेआम घूमने से पीड़िता परेशान हो गई। इस पर परिजनों ने उसे चौबेपुर क्षेत्र के एक गांव रहने वाली चचेरी बहन के घर भेज दिया था। वहां शुक्रवार की रात पीड़िता ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आनन फानन मुख्य आरोपी सन्नी व उसके चाचा लाला को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि तीसरा आरोपी अभी भी गिरफ्त से दूर है।
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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर लगाई फांसी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद कानपुर नगर से पीड़िता का शव उसके गांव पहुंचा, तो कोहराम मच गया। परिवार वालों को रोता-बिलखता देख गांव वालों की आंखें भी भर आईं थीं। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा भी था। पुलिस पीड़ित परिवार पर किसी तरह का दबाव न बना सके। इसलिए तमाम लोग पीड़ित परिवार के घर के आसपास डटे रहे।
पीड़िता के घर पहुंचे कांग्रेसी नेता
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की सुबह पीड़िता के परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। घटना की जानकारी और पुलिस लापरवाही की बात सुनकर लोगों ने गम के साथ ही गुस्सा भी फैल गया। इसकी भनक पाकर एसपी खुद फोर्स के साथ वहां पहुंचे। पीड़ित परिवार के साथ बंद करने में बातचीत की। आरोपियों को सजा दिलाने के साथ ही हर तरह की मदद का भरोसा दिया। तब पीड़िता का शव अंतिम संस्कार के लिए खेरेश्वर घाट ले जाया गया। लोगों का कहना था कि पुलिस समय रहते कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तार कर लेती तो पीड़िता को जान नहीं देनी पड़ती। इस दौरान गांव में पुलिस फोर्स भी तैनात रहा।