यूपी के उन्नाव जिला जेल में दो बंदियों का पिस्टल लहराने वाला वीडियो वायरल होते ही समूचे विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं इस मामले में जेल अधीक्षक एके सिंह का अजीबोगरीब बयान सामने आया है। अधीक्षक के मुताबिक वीडियो में दिखाया जा रहा पिस्टल मिट्टी का है और बोतल में शराब नहीं सरसों का तेल भरकर शराब बताने का नाटक किया गया है।
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जेल में कैदियों की कट्टेबाजी पर अधीक्षक का अजीबोगरीब बयान
- फोटो : अमर उजाला
जो भोजन प्लेटों में रखा है उसमें कुछ भी ऐसा नहीं है जो बाहर से आया हो। हालांकि जेल परिसर में मोबाइल फोन का प्रयोग और वीडियो रिकॉर्डिंग के सवाल को वह टाल गए। बताया कि कुछ जेल कर्मियों ने दबाव बनाने के लिए यह कृत्य किया है।
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जेल में कैदियों की कट्टेबाजी पर अधीक्षक का अजीबोगरीब बयान
- फोटो : ANI
इस मामले ने योगी सरकार की भी नींद उड़ा दी है। राज्य जेल मंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने डीआईजी रेंज लखनऊ को जांच के आदेश दिए थे जिसके बाद जेल के चार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। वहीं उनके तबादले भी कर दिए गए हैं। साथ ही वीडियो में शामिल दो कैदियों को अन्य जेलों में स्थानांतरित करने को कहा है।
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उन्नाव जिला कारागार
- फोटो : अमर उजाला
वहीं राज्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए कहा कि सरकार के साथ-साथ जेल महानिदेशक ने भी घटना का संज्ञान लिया है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि ऐसी कोई घटना नहीं होगी क्योंकि किसी को भी योगी राज में कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है।
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जेल में कैदियों की कट्टेबाजी पर अधीक्षक का अजीबोगरीब बयान
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो में जेल परिसर में पिस्टल लहराते दिख रहा कैदी मेरठ भतीपुर थाना किठौर निवासी अमरीश सिंह हत्या और लूट के मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। जबकि उसका साथी रायबरेली हसनपुर बछरावां निवासी गौरव प्रताप सिंह उर्फ अंकुर लखनऊ के थाना नाका में दर्ज हत्या के एक मुकदमे में विचाराधीन बंदी है। गौरव सिंह 31 मार्च 2017 और अमरीश सिंह 11 फरवरी 2017 से उन्नाव जेल में है।
जेल में कैदियों की कट्टेबाजी पर अधीक्षक का अजीबोगरीब बयान
- फोटो : अमर उजाला
दोनों शातिर अपराधी हैं और प्रशासनिक आधार पर लखनऊ व मेरठ जेल से यहां भेजा गया था। दोनों को जेल की बैरक नंबर 17 में रखा गया है। बैरक के भीतर बंदी दावत खाते और पिस्टल लहराते दिख रहे हैं। वीडियो में अपना परिचय देते हुए प्रदेश सरकार और जेल प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। खुले आम कहते हैं कि योगी ने उन्हें दंडित करने के लिए उन्नाव जेल भेजा था। वह जेल को अपना कार्यालय बताते हैं और जेल या जेल के बाहर किसी से भी निपट लेने की धमकी भी दे रहे हैं।