उन्नाव एसपी कार्यालय में खुद को आग लगाने वाली हसनगंज थाना क्षेत्र निवासी दुष्कर्म पीड़िता की शनिवार कानपुर में इलाज के दौरान मौत व रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम को उसका शव घर लाया गया। पुलिस व परिजनों की तनातनी के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन सूर्यास्त के बाद शव मिट्टी में न दबाने की परंपरा की दुहाई देते रहे पर पुलिस ने जबरन शव को दरवाजे से उठवा घर से एक किमी दूर उसकी ही बाग में मिट्टी में दबवा दिया।
विज्ञापन
2 of 6
कब्र तैयार करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
दरवाजे से शव उठवाने के दौरान परिजनों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। 16 दिसंबर को हसनगंज की दुष्कर्म पीड़िता ने एसपी कार्यालय में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। शनिवार देर शाम हैलट अस्पताल में उसकी मौत हो गई। रविवार को सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने हैलट अस्पताल पहुंचकर सामान्य तरीके से हो रहे पोस्टमार्टम पर विरोध जता डीएम व एसपी से वार्ता कर तीन डाक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया।
विज्ञापन
3 of 6
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शाम 4:57 बजे शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए गांव में पहले से भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। लगभग आधा घंटा शव दरवाजे पर रखने के बाद पुलिस ने उसके अंतिम संस्कार की बात परिजनों से कही। मृतका के छोटे भाई व बुआ ने सूर्यास्त के बाद शव का अंतिम संस्कार न किए जाने की परंपरा बता सुबह अंतिम संस्कार की बात कही।
4 of 6
घटना स्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों की मनाही पर पुलिस की बेचैनी बढ़ गई। पहले तो एसडीएम समेत पुलिस के अधिकारियों ने परिजनों को शव दफनाने के लिए समझाने का प्रयास किया। लेकिन घर वालों के न मानने पर जबरन शव को उठा लिया। इसपर परिजन भड़क गए और पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
विज्ञापन
5 of 6
Unnao case
- फोटो : अमर उजाला
एएसपी दक्षिणी धवल जायसवाल और एसडीएम प्रदीप वर्मा की मौजूदगी में पुलिस ने बल प्रयोग कर परिजनों को पीछे करते हुए शव को दरवाजे से उठाया और घर से एक किमी दूर बाग में ले जाकर शाम करीब 6.20 बजे पहले से खोदकर रखे गए गड्ढे में शव को मिट्टी में दबवा दिया। शव के अंतिम संस्कार के आधे घंटे बाद एसपी विक्रांतवीर भी गांव पहुंचे।
मृतका के छोटे भाई ने जबरन शव को मिट्टी में दबाने जाने की शिकायत एसपी से की। इसपर एसपी ने उसे समझाकर शांत कराया। बहन के आग लगाने और उसकी मौत को लेकर भाई ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया तो एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।