उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को जीएसटी के विरोध में अनोखा प्रदर्शन हुआ। इस विरोध को देखनेवालों की आंखें थम गई। दरअसल दृश्य ही कुछ ऐसा था। उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को जीएसटी के विरोध में जूता पॉलिश कर अनोखा विरोध किया गया। शहर के छोटे व्यापारियों ने सड़को पर उतरकर काले कपडे पहन जूता पालिश कर GST का विरोध किया।
विज्ञापन
2 of 5
कानपुर में जूता पॉलिश कर किया अनोखा विरोध
अखिल भारतीय उद्योग व्यापर मंडल के व्यापारियों ने कहा GST लागू होने के बाद पूरे भारत में एक टैक्स की अर्थव्यवस्था हो जाएगी। लेकिन ऐसे में सबसे ज्यादा बड़ी कीमत छोटे व्यापारियों को चुकानी पड़ेगी। इसका सीधा फायदा बड़े व्यापारियों को मिलेगा। इस नियमावली के लिए छोटे व्यापारी विरोध करने पर उतर आए है।
विज्ञापन
3 of 5
कानपुर में जूता पॉलिश विरोध
नोटबंदी से उभरे नहीं, अब जीएसटी की मार
अखिल भारतीय व्यापार उद्योग मंडल के पदाधिकारियों ने किदवाई नगर स्थित म्यूजिकल फाउंटन के पास काले कपडे पहन कर जूता पालिश किया।व्यापारियों ने जीएसटी विरोधी नारे भी लगाए, नोटबंदी से व्यापारी अभी उबर भी नहीं पाए थे और अब जीएसटी की मार पड़नी तय है। प्रर्दशनकारियों ने बोर्ड पर कई तरह के स्लोगन लिख कर भी GST का विरोध किया।
4 of 5
जीएसटी की यूं गिनाई खामियां
15 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स कही नहीं
व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा के मुताबिक, जीएसटी की जटिलता और खामिया बहुत ज्यादा है। जो मूल जीएसटी आना चाहिए था जो दुनिया के 150 देशो में लागू है, वह जीएसटी हिंदुस्तान में नही लागू हो रहा है। आस्ट्रेलिया में एक जीएसटी है, एक टैक्स है और इनकमटैक्स भी नही है। यहां मंदी शुल्क लागू रहेगा, इनकमटैक्स लागु रहेगा, तीन तरह का जीएसटी लागू रहेगा, जो की खामियों से भरा है।
आजादी से पहले कपडा और सिंघाड़ा कर मुक्त था, अब इस पर भी टैक्स लगाया जा रहा है। कई चीजों पर तो टैक्स बढ़ा दिए गए है। दुनिया भर के देशो में 15 प्रतिशत से ज्यादा कही टैक्स नहीं है। अमेरिका में जीएसटी लागू ही नहीं है, हम इस जीएसटी का विरोध जूता पॉलिश करके कर रहे है। मजबूरी में हमें आगे जूता पॉलिश करके ही गुजारा करना पड़ेगा, इसमे कोई टैक्स नहीं लगा है।