यूपी के फर्रुखाबाद जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र के जंगबाज खां मोहल्ला में कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने भाजपा नेता पर कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और नापजोख कराकर मामला शांत कराया। आपको बता दें कि मोहल्ला जंगबाज खां में पानी टंकी के पास कब्रिस्तान की जमीन पड़ी है। उसके पास ही भाजपा बुनकर प्रकोष्ठ के जिला संयोजक इरशाद अली, उनके भाई इकरार अली और अख्तियार अली के घर हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि इरशाद और इकरार अली ने कब्रिस्तान की जगह पर मकान बना रखा है और अब वह लोग कब्रिस्तान की अन्य जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं। शुक्रवार को मोहल्ले के ही तारिक अख्तर, सभासद अनवर आदि इरशाद और इकरार के घर समझौता वार्ता करने गए। बात न बनने पर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। यह देख मोहल्ले के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए और मारपीट आमादा हो गए।
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इसी दौरान इरशाद ने पुलिस को सूचना दे दी। इस पर सीओ सिटी रामलखन सरोज, सिटी मजिस्ट्रेट राम अक्षयवर चौहान, घोड़ा नखास चौकी इंचार्ज बनी सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर मामला शांत किया। लेखपाल बंदोबस्त रोशनलाल और जगपाल सिंह ने नापजोख करने के बाद तारिक अख्तर पक्ष को बताया कि वह जमीन कब्रिस्तान में दर्ज नहीं है। विवादित जगह भूमिधरी है। वह भी इरशाद, इकरार व अख्तियार अली के नाम दर्ज है।
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अख्तियार अली ने कहा कि वह अपनी जमीन से कब्रिस्तान के लिए 31 फीट जगह देने को तैयार हैं। इस पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने नापजोख कराकर कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल के लिए चिन्हांकन करा दिया। कब्रिस्तान की जगह को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट जब दोनों पक्षों में समझौता करा रहे थे तो तारिक अख्तर पक्ष के लोगों ने इसका कई बार विरोध किया। सीओ सिटी रामलखन सरोज और चौकी इंचार्ज बनी सिंह ने समझाकर उन्हें शांत कराया।
नापजोख के दौरान दूसरे पक्ष से अधिवक्ता जफर अली मौके पर आए और समझौता वार्ता का विरोध करते हुए चौकी इंचार्ज बनी सिंह पर साठगांठ करने का आरोप लगाने लगे। उन्होंने चौकी इंचार्ज बनी सिंह को हटाने की मांग की। अधिवक्ता ने कहा कि उन्होंने चौकी इंचार्ज की शिकायत डीजीपी से भी की है। सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान ने समझाकर अधिवक्ता को शांत किया।