12 फरवरी को चित्रकूट जिले में तमंचे की नोक पर तेल कारोबारी के दो जुड़वा बच्चों का अपहरण किया जाता है। घटना के बाद 500 से ज्यादा पुलिस कर्मी और ढेरों टीमें उनकी तलाश में जुट जाती हैं पर किसी के हाथ कुछ नहीं लगता। 12 दिन बाद एक नाव पर दोनो बच्चों की लाशें मिलती हैं। जुड़वा बच्चाें के शव मिलने की खबर जिले में आग की तरह फैलती है और चित्रकूट सुलग उठता है।