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तिहरा हत्याकांड: ...तो गुमराह करके कहीं छिपा है हत्यारोपी डॉक्टर, अब तक सामने आई ये बात

Tue, 07 Dec 2021 04:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में कल्याणपुर के डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट में बीते शुक्रवार को पत्नी चंद्रप्रभा और दो बच्चों की हत्या कर भागे डॉ. सुशील कुमार की खोज में लगी पुलिस को सोमवार को भी कोई सुराग नहीं मिल पाया। 72 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

पुलिस को आशंका है कि डॉक्टर जिंदा है और गुमराह करने के लिए पूरा खेल रचा है। पुलिस ने डॉक्टर के शव की खोज के लिए गंगा में 72 घंटे पहले सर्च आपरेशन शुरू किया था। फतेहपुर तक नदी का चप्पा चप्पा खंगाल मारा, लेकिन डॉक्टर का कुछ पता नहीं चला। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर डॉक्टर नदी में कूदा होगा तो अब तक शव उतरा जाता। पर ऐसा नहीं हुआ। पुलिस अब मान रही है कि  डॉक्टर अभी जिंदा है।
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kanpur triple murder - फोटो : amar ujala
पुलिस का मानना है कि फोरेंसिक से दो बार एमडी कर चुके हैं डॉ. सुशील को अच्छे से पता है कि पुलिस से कैसे बचना है। हालांकि पुलिस ने बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर एक बार फिर सीसीटीवी कैमरे चेक किए।
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kanpur triple murder - फोटो : amar ujala
पुलिस का यह भी मानना है कि आरोपी नाव से सरसैया घाट पहुंचा होगा। फिर मोबाइल को पानी में फेंक दिया होगा। ताकि आखिरी लोकेशन सरसैया घाट मिले। पुलिस नाविकों से भी पूछताछ कर रही है।

अभी तक डॉक्टर का नदी में शव बरामद नहीं किया जा सका है। यदि वह गंगा में कूदा होता तो अब तक उसका शव उतराता मिल जाता। 90 प्रतिशत चांस उसके जिंदा होने के हैं। आरोपी को खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं। - ब्रजेश श्रीवास्तव, एडीसीपी वेस्ट

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kanpur triple murder - फोटो : amar ujala
तीन हत्याओं से दहशत में हैं अपार्टमेंट वाले
गार्ड ने बताया कि हत्या के पहले अपार्टमेंट में देर शाम तक चहल पहल बनी रहती थी। लोग शाम के वक्त बिना किसी डर के बड़े से क्षेत्र में टहलते थे। पार्क में बैठे घंटों बातें किया करते थे, लेकिन एक साथ तीन हत्याओं से पूरे अपार्टमेंट में दहशत का माहौल है। 
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kanpur triple murder - फोटो : amar ujala
शाम होते ही लोग अपने घरों में चले जाते हैं। खासकर, बच्चे और महिलाएं रात के वक्त जरूरत पड़ने पर भी बाहर नहीं निकलते हैं। लोगों के डर को दूर करने के लिए सोमवार को परिसर में एक धार्मिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। चंद्रप्रभा, खुशी और शिखर की आत्मा की शांति के लिए कैं डल भी जलाई गई। वहीं, दिन में करीब चार से पांच चक्कर पुलिस कर्मियों के लगते हैं और पुलिस कभी भी किसी से भी पूछताछ शुरू कर देती है। ऐसे में लोग पुलिस के सवालों से भी बचने के लिए घरों से नहीं निकल रहे हैं।
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