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ट्रिपल मर्डर: हत्यारे डॉक्टर के गंगा में कूदने के 6 घंटे तक ऑन रहा था मोबाइल, लकड़ियों में फंसा मिला था शव

Mon, 13 Dec 2021 01:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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triple murder: पत्नी चंद्रप्रभा के साथ डॉक्टर सुशील - फोटो : amar ujala
कानपुर के तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले डॉक्टर को जिंदा या मुर्दा तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। इसके पीछे बड़ी वजह थी कि एक घाट पर मोबाइल बंद होना और दूसरे घाट पर नॉट रीचेबल होना। सवाल था कि अगर अटल घाट पर सुशील कूद गया है तो सरसैया घाट पर मोबाइल की लोकेशन कैसे हो सकती है। मगर पुलिस की जांच में सामने आया कि पानी में तकरीब छह घंटे तक सुशील का फोन ऑन रहा। मोबाइल उस रात 11:15 पर नॉट रीचेबल हुआ था। यह जानकारी पुलिस ने अब सार्वजनिक की है। डॉक्टर के लापता होने के बाद सीसीटीवी फुटेज से एक बात साफ हो गई थी कि वारदात को अंजाम देने बाद सुशील अटल घाट गया था लेकिन वह वहां से बाहर नहीं निकला।
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triple murder: पत्नी चंद्रप्रभा और दो बच्चों की हत्या करने वाले डॉक्टर सुशील का शव बरामद - फोटो : amar ujala
पानी में भी ऑन था मोबाइल
उसके मोबाइल नंबरों की सीडीआर से पता चला कि तीन दिसंबर की शाम 5:32 बजे उसकी लोकेशन अटल घाट थी। इस दौरान उसका फोन बंद हुआ। कुछ देर बाद मोबाइल फिर शुरू हुआ। फिर रात 11:15 बजे मोबाइल नॉट रीचेबल हुआ। डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि कई एक्सपर्ट से राय ली गई तो उसमें पता चला कि कई मोेबाइल पानी में भी काफी देर तक ऑन रहते हैं। इसमें भी वही हुआ।
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triple murder: डिप्रेशन बता डॉक्टर ने किया पत्नी और दो बच्चों का कत्ल - फोटो : amar ujala
जैकेट की जेब में रखा था मोबाइल
करीब छह घंटे तक मोबाइल ऑन रहा। जांच में स्पष्ट हुआ कि भाई को मैसेज करने के कुछ ही देर बाद सुशील गंगा में कूद गया था। पानी में मोबाइल ऑन रहने की वजह से आखिरी लोकेशन सरसैया घाट पर मिली थी। मोबाइल सुशील के जैकेट की जेब में रखा हुआ था। जेब की चेन भी बंद थी। जेब जिप से बंद होने की वजह से पानी जल्दी जेब में नहीं पहुंचा होगा। इसलिए फोन ऑन रहा होगा। 

 

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kanpur triple murder: ओमिक्रोन से डरे डॉक्टर ने पत्नी और दो बच्चों को मार डाला - फोटो : amar ujala
इसलिए शव दस दिन बाद बरामद हुआ 
शव निकालने वाले गोताखोर अर्जुन व दीपक ने बताया कि केवल कपड़े ऊपर दिखाई दे रहे थे। जब उसको खींचने का प्रयास किया तो शव ऊपर नहीं आया। तब वह नीचे गए तो देखा कि सुशील के पैर में लकड़ियां फंसी हुई थीं। डीसीपी पश्चिम का कहना है कि पैरों में लकड़ियां फंसी होने की वजह से शव ऊपर नहीं आ सका था। दस दिन बीत जाने के बाद जब लकड़ियों की जकड़ कम हुई तब शव ऊपर आया।
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कानपुर में डॉक्टर ने की पत्नी बच्चों की हत्या - फोटो : amar ujala
पुलिस ने ली राहत की सांस
डीसीपी पश्चिम ने सुशील की तलाश के लिए आधा दर्जन टीमें लगाई थीं। एक टीम के नेतृत्व में गंगा में शव की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। अन्य टीमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबरों की सीडीआर व उसके परिचित व दोस्तों से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही थी। अब पुलिस ने अब राहत की सांस ली। 
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