हजाराें कराेड़ की चपत लगाने वाले विक्रम काेठारी काे हिरासत में लेने के बाद सीबीअाई की नजर बैंक के उन अधिकारियाें अाैर बाबू पर है जिन्हाेंने लाेन लेने में काराेबारी की मदद की है। एेसे में अब चटपट से ट्रांसफर पाेस्टिंग का दाैैर शुरु हाे गया है। एक नेता जी का ट्रांसफर हाेने के बाद की यह कहानी पढिये।
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डेमो पिक
लोन की रकम डकार गए उद्योगपति और बदले मा मऊज लीन्हेंन बड़े अफसर। लफद्दर खुलिगा तो गाज गिर रही कर्मचारिन पर। येई बात पर बैंकन मा इन दिनों बहुत टेंशन चल रही है। दरअसल एक बैंक मा लंबे समय से डटे एक नेताजी भी ट्रांसफर के नाम पर नाप दीन गए हैं।
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विक्रम काेेठारी ने लगाया कराेड़ाें का चूना
यह बात उन्हें अखर रही है। ट्रांसफर लिस्ट मा नाम देखकर नेताजी कनपुरिया स्टाइल मा बड़े अफसर के पास पहुंचे और बोले, भैया यो कौन खेल। हम तौ नेता हन, हमार ट्रांसफर कैसे। एसे पहिले तौ कबहूं न भा।
अब कऊन सी गाज गिर रही है। अफसर बड़े समझदार थे। प्यार से बोले, भैया जी, हियां से तौ जाए का पड़ी। बदले मा मनपसंद कौनो दूसर शाखा लई लेओ। खुद भी मऊज लेओ औ हमरौ संकट काटौ।