टॉप इंडियन बिजनेसमैन में शामिल सिंघानिया फैमिली आज डॉ. विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम के बीच संपत्ति को लेकर छिड़े ‘युद्ध’ की वजह से इंटरनेशनल लेवल पर चर्चा में है। विजयपत को उसी रेमंड कम्पनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है जिसे खड़ा करने में उन्होंने दिन रात एक कर दिए थे। कानपुर की ये बड़ी बिजनेस फैमिल सौ सालों से सम्पन्न है। ये सभी खानदानी रईस लोग हैं और बड़ी ही शान से पैसे कमाकर और धनवान होते गए।
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सिंघानिया परिवार जवाहरलाल नेहरू के साथ
कानपुर में रहने वाले और सिंघानिया परिवार को करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि इस रईस फैमिली का एक सदस्य बहुत अय्याश था लेकिन उनके फैमिली एस्ट्रोलॉजर ने कुंडली का अध्ययन करके कहा था कि यह व्यक्ति अय्याशी में जितनी रकम बर्बाद करेगा, उससे दस गुना ज्यादा आय परिवार को होगी यानी की धन पाने के लिए उसे अय्याशी से नहीं रोका जाए। एक समय वो भी आया जब उसी अय्याश की खरीदी हुई कलाकृतियों का मूल्यांकन किया गया तो वह करोड़ों रुपये की सिद्ध हुईं। उसी ज्योतिष ने ये भी बताया था कि एक वख्त आयेगा जब सिंघानिया परिवार की औलाद की वजह से एक बुजुर्ग को काफी दिक्कतें झेलनी होंगी।
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सिंघानिया परिवार
इन दिनों खानदानी रईस विजयपत सिंघानिया आज बेटे की वजह से दिक्कतों में जरूर हैं लेकिन उनके गुणों को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। विजयपत की देखरेख में Raymond कंपनी ने बहुत प्रगति की है। रेमंड के वूलन कम्बल पूरे विश्व में अपनी बेस्ट क्वालिटी के लिए मशहूर हैं।
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विजयपत सिंघानिया
ये था पूरा मामला
Raymond Group के मालिक रहे विजयपत सिंघानिया ने अपने बेटे गौतम सिंघानिया पर आरोप लगाया था कि उसने उन्हें पैसे-पैसे के लिए मोहताज कर दिया है। करीब 12 हजार करोड़ की कंपनी के मालिक रहे विजयपत ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर जेके हाउस में अपना हिस्सा मांगा था। अब उनके पुत्र और रेमंड के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने कहा है कि कंपनी के शेयरधारकों के हित परिवार के हित से बड़े हैं। गौतम सिंघानिया ने कहा कि बेटे और रेमंड के चैयरमैन के तौर पर उनकी भूमिकाएं अलग-अलग हैं।
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विजयपत और गौतम सिंघानिया
एक बयान में उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट गवर्नेंस के नियमों के तहत प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन शेयरधारकों ने प्रस्ताव नामंजूर कर दिया. उन्होंने कहा है कि मामला कोर्ट में है, इसलिए ज्यादा नहीं कह सकते। लेकिन उन्होंने कहा कि बेटे के तौर पर उन्होंने बातचीत कर मामले को सुलझाने की पूरी कोशिश की।
एक इंटरव्यू में विजयपत सिंघानिया ने ये भी कहा था कि बेटे ने उनसे कार और ड्राइवर छीन कर पाई-पाई के लिए मोहताज बना दिया है। वो 7 हजार करोड़ की कीमत वाले जेके हाउस को छोड़कर एक किराए के बंगले में रह रहे हैं। वहीं उनके बेटे गौतम का कहना है कि उनके पिता को वक्त के साथ आदतें बदलना होगी।