गर्मी का असर बढ़ते ही शहर के मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ने का रस व अन्य पेय पदार्थों की बिक्री में तेजी आ गई है। लेकिन जगह-जगह खुले में बिक रहा गन्ने, बेल का रस व ठेलों पर बिक रहे खाद्य पदार्थ आपको बीमार बना सकते हैं। जानिए ऐसा क्यों...?
विज्ञापन
2 of 4
डेमाे पिक
उन्नाव शहर में जगह-जगह खुले में बिक रहा गन्ने, बेल का रस व ठेलों पर बिक रहे खाद्य पदार्थ आपको बीमार बना सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि खाद्य व पेय पदार्थों की बिक्री करने वाले सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं। गंदगी के बीच ऐसे पदार्थों की बिक्री से लोग संक्रामक रोगों की चपेट में आ रहे हैं। डाक्टरों का मानना है कि गंदे माहौल में मक्खियों की भिनभिनाहट के बीच बिक रहे गन्ने के रस व खाद्य पदार्थों से लोग पेट से संबंधित बीमारियाें से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 4
डेमाे पिक
गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही शहर के मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ने का रस व अन्य पेय पदार्थों की बिक्री में तेजी आ गई है। शहर के आवास-विकास से बड़ा चौराहा के बीच ही दो दर्जन से अधिक पेय पदार्थ के ठेले लग रहे हैं। यहां गन्ने के रस के अलावा विभिन्न तरह के केमिकलयुक्त पेय पदार्थों की बिक्री हो रही है। सड़क किनारे ठेलों पर तरबूज, पपीता व अन्य फल भी बेचे जा रहे हैं। बिक्री करने वाले फलों को ढककर नहीं रखते हैं।
ऐसा ही पेय पदार्थ बेचने वाले करते हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग खुले में रखे रस को पांच रुपये से लेकर बीस रुपये में पीकर खुद को बीमार बना रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डा. आलोक पांडेय ने बताया कि पेय पदार्थ बेचने वाले लोग सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं। खुले में फल व गन्नों को रखा जाता है। ठेलों पर मक्खियां भिनभिनाती हैं। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज पेट दर्द की समस्या लेकर पहुंचते हैं। काउंसलिंग में पता चलता है कि इन्होंने खुले बाजार में पेय पदार्थ का सेवन किया था।
पेय पदार्थ से बढ़ती है संक्रमण की आशंका
जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. आलोक पांडेय ने बताया कि खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों के सेवन से हेपेटाइटिस बी, आंत रोग व उल्टी सहित आंत में संक्रमण की आशंका रहती है। इन वस्तुओं को खाने में संयम न बरतने पर लोग बीमार हो सकते हैं।
जुगाड़ के ठेले पर बेच रहे जूस
शहर में जुगाड़ ठेले पर भी फलों का रस बेचा जाने लगा है। मौजूदा समय में एक दर्जन से अधिक ऐसे ठेले शहर में हैं। गन्ने व विभिन्न फलों का रस बेचने वाले ऐसे लोग ठेले को भीड़ भाड़ वाले स्थान पर खड़ा कर देते हैं। इस बीच अगर पुलिस या कोई और टोकता है तो यह ठेला लेकर दूसरे स्थान पर लेकर चले जाते हैं।
जल्द होगी छापेमारी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी ने बताया कि मौसमी फलों का रस बेचने वाले लोग लाइसेंस नहीं लेते। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की संख्या 31 के तहत यह लाइसेंस लेना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांच की जाएगी।